डॉ. मोहम्मद साकिब।
होली पर जेएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी कक्ष में कई आंखों के डॉक्टर की उपलब्धता रहेगी। हमेशा इमरजेंसी कक्ष में एक आंख डॉक्टर की तैनाती रहती है। जरूरत पड़ने पर और डॉक्टरों की टीम बुला ली जाती है। वहीं, नेत्र विशेषज्ञ ने सलाह दी है कि सावधानी के साथ रंग लगाएं। लापरवाही आंखों पर भारी पड़ सकती है।
जेएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद साकिब बताते हैं कि आजकल बाजार में मिलने वाले कई रंगों में हानिकारक रसायन होते हैं, जो आंखों और त्वचा दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए कोशिश करें कि हर्बल या प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलें।
होली खेलने से पहले आंखों के आसपास हल्का नारियल तेल या पाम ऑयल लगाए, चश्मा लगाएं। जो कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करते हैं, उन्हें होली के दिन लेंस पहनने से बचना चाहिए। रंग या धूल के छोटे कण लेंस के नीचे फंसकर आंखों में संक्रमण या कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर रंग आंख में चला जाए तो आंखों को बिल्कुल न रगड़ें। ठंडे पानी से आंखों को अच्छी तरह धो लें। जलन, दर्द, लालपन या धुंधलापन बना रहे तो तुरंत किसी नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।