वर्ष 1875 के आसपास का दौर था, जब एएमयू संस्थापक सर सैयद अहमद खां मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज के लिए पैसा एकत्रित कर रहे थे। तब वह अंग्रेज अफसरों से यहीं मुलाकात करते थे।
अलीगढ़ शहर के नकवी पार्क स्थित 191 साल पुराना क्राइस्ट चर्च अतीत के सुनहरे इतिहास को समेटे हुए है। यह चर्च अलीगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के शहरों में भी बेहद प्रसिद्ध है। 32 एकड़ में फैली हरियाली इसकी खूबसूरती को बढ़ाती है।
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बाइबिल प्रचारक गौरव प्रभाकर के अनुसार इस चर्च को देखने के लिए बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग आते हैं और प्रार्थना सभा में भाग लेते हैं। वर्ष 1835 में इंग्लैंड के विशप विल्सन ने इसका निर्माण कराया था। यह क्षेत्र मराठा एवं फ्रांसीसी सेना की छावनी था। यहीं सेना की डिस्पेंसरी थी।
इस चर्च से 500 मीटर की दूरी पर बना ईसाई कब्रिस्तान इस बात का गवाह है कि ईसाई समाज अलीगढ़ में इससे पहले भी था। वर्ष 1875 के आसपास का दौर था, जब एएमयू संस्थापक सर सैयद अहमद खां मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज के लिए पैसा एकत्रित कर रहे थे। तब वह अंग्रेज अफसरों से यहीं मुलाकात करते थे। वर्ष 1920 में इस कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा मिला था। इसमें प्रोफेसर अंग्रेज भी थे, जो चर्च में आते रहते थे। 29 नवंबर 1970 में इसे चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया का मिशनरी ने दर्जा दिया।