अलीगढ़ में महीनों बाद धर्म परिवर्तन और घर वापसी का जिन्न बंद बोतल से बाहर आया है। इस दफा यह घटना खैर में सामने आई है। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास अपनी चाय की दुकान में बैठने के दौरान जमातियाें के संपर्क में आए 20 वर्षीय चेतन गौतम ने इस्लाम स्वीकार लिया था। इसके बाद वह सात दिनों तक गायब रहा, पर शुक्रवार को स्थानीय लोगों की निशानदेही पर उसके परिजन उसेे ढूंढकर घर वापस ले आए।
48 वर्षीय नेमचंद्र गौतम गोंडा ब्लाक के गांव दरबर का रहने वाला है। खैर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास उसकी चाय की दुकान है। दुकान पर चेतन भी बैठता करता था। दुकान पर जमातियों की टोलियों का आना जाना है। बताते हैं कि इस दौरान वह उनके संपर्क में आ गया और प्रभावित हो कर उनके साथ कहीं चला गया। इसपर परिजनों को लगा कि चेतन अपने रिश्तेदारों या दोस्तों के साथ कहीं चला गया है।
जल्द ही वापस आ जाएगा। तकरीबन सात दिनों बाद शुक्रवार को उसके पिता नेमचंद्र को जानकारी मिली कि वह कस्बे में आया हुआ और उसने इस्लाम कबूल लिया है। इसके बाद कुछ लोगों की मदद से उसे साथ लेकर वह थाने पहुंचे। सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के नेता धर्मा भैया भी कोतवाली पहुंच गए। सभी के समझाने के बाद चेतन घर वापसी को राजी हो गया। पुलिस की मौजूदगी में ही उसे घर वालों के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान थाने में खासी गहमा गहमी रही।
इसे देखते हुए पुलिस ने कोतवाली की सुरक्षा बढ़ा दी थी। बता दें, चेतन तीन भाई है, जो पिता की चाय की दुकान पर आश्रित हैं। आरोप है कि गरीब और बरोजगार होने के कारण उसे प्रलोभित किया गया था। जबकि उसने इसका खंडन किया है। उसने पुलिस को बताया है कि अपनी मर्जी से उसने धर्म परिवर्तित किया और अब घर वापसी कर रहा है।