विश्व हिंदू परिषद एवं सनातनी किन्नर अखाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को अलीगढ़ में पहली बार महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह आयोजित किया गया। महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी ( टीना मां ) ने कहा कि किन्नर समाज को बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए। हिंदुओं को दरवाजा खोलना पड़ेगा और किन्नरों को उनका सम्मान लौटाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रत्येक जिले में किन्नरों के लिए अलग समाधि स्थल बनाए जाने की मांग की, क्योंकि शरीर छोड़ने के बाद भी किन्नरों को बड़ी दुश्वारी का सामना करना पड़ता है।
समारोह में अलीगढ़ की आरती श्रीवास्तव, दिल्ली की मनचली शंकर नंद गिरी को महामंडलेश्वर व राजस्थान की यशवंती पाटीदार को महंत की उपाधि से विभूषित किया गया। टीना मां ने चादर ओढ़ाकर सभी को पद प्रदान करते हुए सनातन धर्म की सेवा के लिए प्रेरित किया। मंच से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने की मांग भी उठाई गई। इस प्रस्ताव को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जोड़ते हुए सरकार से इस पर विचार करने की भी अपील की गई। वक्ताओं ने सनातन परंपराओं को सशक्त बनाने और समाज में नैतिक मूल्यों के उत्थान पर विशेष जोर दिया।
भवानी मां ने कहा कि सनातनी किन्नर अखाड़ा के उद्देश्य गो रक्षा, हिंदू राष्ट्र बनाने, देश की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करने, नारी, नदी और गाय की सेवा करने का है। उन्होंने कहा कि सच्चे रिश्ते पैदा करें, उधार के नहीं। महामंडलेश्वर व अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रवक्ता पूनम मां ने कहा कि किन्नर 16 संस्कारों से मुक्त होते हैं, सदा संन्यासी होते हैं, किन्नर ने ही गुरु परंपरा को जीवित रखा है। प्रत्येक युग व ग्रंथ में किन्नर का अस्तित्व रहा है, सनातन धर्म की हमेशा सेवा की है। संतों ने सनातनी किन्नर अखाड़े के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए गो रक्षा, संस्कृति संरक्षण और समाज में समरसता बनाए रखने का संदेश दिया।
वक्ताओं ने किन्नर समाज को सनातन परंपरा का अभिन्न अंग बताते हुए उनके सम्मान और अधिकारों की बात रखी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद शहरों के अलावा दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित देशभर के विभिन्न राज्यों से किन्नर समाज के संत व प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने समाज एवं राष्ट्रहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सामूहिक संकल्प लिया। इससे पूर्व समारोह का शुभारंभ आचार्य पवन वशिष्ठ के निर्देशन में हवन-यज्ञ व बहुचरा माताजी के पूजन से हुआ।
इन्होंने भी रखे अपने विचार
पट्टाभिषेक समारोह में नागा संन्यासी एवं जूना अखाड़ा से संबंधित कामाख्या पीठाधीश्वर, नरबलि पीठ एवं पशु बलि पीठ अधिपति महामंडलेश्वर भवानी मां, महामंडलेश्वर, दिल्ली प्रांत अध्यक्ष व अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रवक्ता महामंडलेश्वर पूनम माता, पीठाधीश्वर विष्णु मोहिनी मठ, महामंडलेश्वर गौरी सरस्वती मां पालघर, महाराष्ट्र, पीठाधीश्वर वेंकटेश्वर देवस्थान नजफगढ़ से महामंडलेश्वर दयालपुरी मां, महामंडलेश्वर हरिकांत महाराज, आचार्य सुनील कौशल महाराज, भागवत आचार्य नित्यानंद रसिक, हितैषी महाराज, ज्योतिषाचार्य हेमंत, महामंडलेश्वर निरंजनी अखाड़ा, डॉ. स्वामी रमणपुरी महाराज, विश्व हिंदू परिषद के महानगर अध्यक्ष रविंद्र कुमार जिंदल, शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा, पूर्व मेयर शकुंतला भारती, भाजपा महानगर अध्यक्ष इंजी. राजीव शर्मा आदि ने भी अपने विचार रखे। संचालन धर्माचार्य संपर्क प्रमुख पंकज सारस्वत ने किया। इस अवसर पर आरएसएस के विभाग प्रचारक गोविंद, प्रांत सह शारीरिक प्रमुख विकास शर्मा, महानगर प्रचारक राम, प्रांत समरसता प्रमुख आलोक याज्ञनिक, महानगर कार्यवाहक रतन वार्ष्णेय, विहिप के विभाग मंत्री मुकेश राजपूत, महानगर उपाध्यक्ष गीता मित्तल आदि माैजूद रहे।
पट्टाभिषेक की प्रक्रिया
किन्नर अखाड़ा अपनी परंपराओं के अनुसार अपने सदस्यों को विशेष पदवी (महामंडलेश्वर, मंहत, आचार्य आदि) प्रदान करने के लिए पट्टाभिषेक समारोह आयोजित करता है, जिसमें तिलक, मुकुट और माला पहनाकर सम्मान किया जाता है।