सुरक्षा देने के नाम पर गांव में दो पुलिसकर्मी बिठा दिए। गांव वालों ने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष की भीड़ ने सुनियोजित तरीके से बरात पर हमला किया था। पुलिस की कार्रवाई न होने से नाराज पीड़ित परिवार और उनके समर्थन में लोगों ने अपने दरवाजों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखने के साथ ही रविवार की सुबह पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मामला बढ़ता देख रविवार की शाम को टप्पल पुलिस ने ओमप्रकाश पुत्र तेजपाल की तहरीर पर गांव के वकील, कलुआ, मुस्तकीम, सरफू, अंसार, सोहिल, फारुख, अमजद, तौफीक, सहजोर और लहरू के नाम रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
करीब बीस फीसदी है हिंदू आबादी
गांव के राजवीर के अनुसार नूरपुर गांव की आबादी करीब 3500 है। इसमें 80 प्रतिशत मुस्लिम व 20 प्रतिशत हिंदू समाज के लोग रहते हैं। तीन मस्जिदें और एक बड़ा मदरसा संचालित है। ओमप्रकाश के अनुसार पहले भी 25 अप्रैल व 9 मई को इसी तरह बरात चढ़त का विरोध किया गया था।