हिंदू का भोजन और पंजाबी के घर ईद का जश्न
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हिंदू का खाना और पंजाबी के घर ईद का जश्न। रात्रि विश्राम गिरजा घर में। घर्म के नाम पर फैलाई जा रही नफरत के बीच अलीगढ़ के जमालपुर मोहल्ले के मुस्लिम युवक अली मेहदी ने दोस्ती, भाईचारा एवं एकता का मजबूत संदेश लेकर 130 दिन की यात्रा के बाद अलीगढ़ लौटे हैं। वह कहते हैं कि विविधता में एकता, यही हमारे देश की पहचान है। कुछ लोग भले ही धर्म के नाम पर इंसान को इंसान से बांटने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इस देश की जनता के मन में प्रेम, स्नेह एवं भाईचारा बसता है।
27 मार्च 2016 को जमालपुर निवासी अली मेहदी पुत्र समीर मेहदी अलीगढ़ से भारत भ्रमण पर अपनी पल्सर 220 बाइक से निकले। 130 दिनों में भारत के 29 प्रदेश, 4 केंद्र शासित प्रदेश एवं भूटान तथा म्यांमार का भ्रमण कर 3 अगस्त को अलीगढ़ लौटे हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने 12 हजार फीट ऊंचाइऱ् पर स्थित सियाचिन बेस कैंप से लेकर जम्मू-कश्मीर स्थित दुनिया की सर्वाधिक खतरनाक सड़क क्लीप हैंगर (इश्तियारी) पर बाइक दौड़ाई।
मुजफ्फरपुर (बिहार) में एक मंदिर के पुजारी ने भोजन कराया तो देहरादून में पंजाबी दोस्त विशेष शैरी के परिजनों के साथ ईद का त्यौहार मनाया। पंजाबी दोस्त की मां ने उस दिन विशेष रूप से सेवई बनाकर खिलाई। वहीं नागालैंड में पादरी ने रात्रि में सोने के लिए गिरजाघर में जगह दिलाई।
अली कहते हैं कि लोग विदेशों में घूमने जाते हैं। ऐसे लोग एक बार भारत देख लें तो दुनिया में कहीं जाने की चाहत नहीं रहेगी। यहां एक समय में बर्फ एवं रेत का नजारा देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि 130 दिनों में उन्होंने करीब 29115 किमी की यात्रा की। इस क्रम में भूटान एवं म्यांमार भी गया। अली मेहदी कहते हैं कि भारत भ्रमण के दौरान देशवासियों का जो प्यार, स्नेह एवं अपनत्व मिला, वहीं मेरी थाती है। इस यात्रा को पुस्तक का रूप देने की कोशिश में हूं।