कर्नाटक के हिजाब प्रकरण को लेकर एएमयू में प्रदर्शन करतीं छात्राएं।
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कर्नाटक के हिजाब प्रकरण को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में फिर से अल्लाह हू अकबर के नारे लगे। जुमे की नमाज के बाद छात्र-छात्राओं ने डॅक पॉन्ड से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। छात्राओं ने कहा कि वह मर जाएंगी, मगर हिजाब नहीं उतारेंगी। एहतियात के तौर पर एएमयू सर्किल पर पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए थे। प्रॉक्टोरियल टीम भी बाब-ए-सैयद पर तैनात रही।
कर्नाटक के हिजाब प्रकरण को लेकर नौ फरवरी को एएमयू परिसर में छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया था। उस वक्त एलान किया गया था कि 11 फरवरी को विरोध मार्च निकाला जाएगा। इसी क्रम में शुक्रवार को करीब दो बजे डॅक पॉन्ड से विरोध मार्च शुरू हुआ, जो बाब-ए-सैयद तक पहुंचा। मार्च के दौरान जमकर नारेबाजी की गई। करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। इस दौरान छात्राओं ने कहा कि वह मर जाएंगी, कट जाएंगी पर हिजाब नहीं उतारेंगी।
छात्र नेता मोहम्मद आरिफ त्यागी ने कहा कि हिजाब को लेकर जो भाजपा सियासत कर रही है, वह ठीक नहीं है। कर्नाटक के कॉलेज में छात्रों के पास भगवा गमछा, टोपी कहां से आई, इसका जवाब भी देना होगा। हिजाब को लेकर एएमयू में ही नहीं, बल्कि शहर के गली-मोहल्लों में संविधान के दायरे में रहकर प्रदर्शन होगा। छात्रा मन्शा जेहरा ने कहा कि हिजाब नहीं उतारेंगे, क्योंकि हिजाब उनकी आजादी है। जिस तरह से मोबाइल पर कवर होता है और उसे सुरक्षित रखता है, उसी तरह हिजाब भी उनको सुरक्षित रखता है। कर्नाटक के मामले में आरएसएस, भगवाधारियों का यह रवैया बर्दाश्त नहीं होगा। वह कर्नाटक की मुस्लिम छात्राओं के साथ हैं। एहतियात के तौर पर एएमयू सर्किल पर पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए थे। इसके अलावा, एएमयू की प्रॉक्टोरियल टीम भी बाब-ए-सैयद पर तैनात रही। प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि छात्र-छात्राओं ने पहले से प्रदर्शन का एलान कर रखा था। इसी कड़ी में उन्होंने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन डॅक पॉन्ड से बाब-ए-सैयद तक हुआ।