वीरांगनाओं की नजरबंदी को लेकर पुलिस से वार्ता करतीं मेयर शकुुंतला भारती व अन्य भाजपा नेता।
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जिला आर्यवीर दल के आर्य वीरांगना चरित्र व आत्मरक्षा शिविर में शनिवार तड़के प्रभात फेरी निकाले जाने की खबर ने बखेड़ा खड़ा करा दिया। तड़के अचल चौकी पुलिस ने पहुंचकर वीरांगनाओं के बाहर निकलने पर रोक लगा दी। हालांकि वहां मौजूद लोगों का तर्क था कि वह कोई प्रभात फेरी निकालने नहीं जा रहे, बल्कि वीरांगनाएं योगा करने गांधीपार्क जा रही हैं। इसी बीच खबर पर मेयर सहित तमाम भाजपाई भी पहुंच गए। जहां उनकी दरोगा से जमकर नोकझोंक हुई। खबर पर एसओ भी पहुंच गए। जैसे-तैसे माहौल को शांत कराया। इस दौरान पुलिस पर आरोप लगाया गया कि घंटों उन्हें आर्यसमाज मंदिर के अंदर नजरबंद रखा गया।
हुआ यूं कि इस आयोजन को लेकर आर्यवीर दल ने प्रभात फेरी की जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी। मगर प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इधर, शनिवार सुबह किसी ने पुलिस को खबर दे दी कि वीरांगनाएं प्रभारी फेरी निकालने जा रही हैं। इस पर सुबह साढ़े पांच बजे अचलताल चौकी इंचार्ज स्टाफ के साथ वहां पहुंच गए और उन्होंने किसी के भी आर्य समाज मंदिर से निकलने पर पाबंदी लगा दी। बाहर से गेट बंद करा दिया। इसे लेकर वहां आयोजकों की बहस भी हुई। तभी खबर पर मेयर शकुंतला भारती, भाजपा नेता मानव महाजन, युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष मनोज शर्मा आदि तमाम भाजपाई पहुंच गए। वहां भी दरोगा से उनकी जमकर नोकझोंक हुई। दरोगा का तर्क था कि बिना अनुमति प्रभात फेरी नहीं निकलेगी। वहीं आयोजकों व भाजपाइयों का तर्क था कि यह लोग सिर्फ योगा करने जा रहे हैं। इन्हें इस तरह नजरबंद क्यों किया गया है। दरोगा ने समूह में न जाने देने तक की बात कही। हंगामा बढ़ने की खबर पर एसओ गांधीपार्क संजय पांडेय भी पहुंच गए। उन्होंने जैसे-तैसे मेयर आदि भाजपाइयों को समझाया। बाद में खुद मेयर की ओर से यह कहा गया कि अगर यहां से प्रभात फेरी निकलती है तो वह उन पर मुकदमा दर्ज कर लें। हम भी जानते हैं कि बिना अनुमति प्रभात फेरी नहीं निकलती। तब जाकर मामला शांत हुआ।