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नेताओं की हरकतों से जनता दहशत में, धारा 144 लागू

Sun, 19 Jun 2016 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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police - फोटो : amar ujala
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लगातार भावनाएं भड़काने वाले बयान, सोशल मीडिया में धार्मिक बयानबाजी, नेताओं का बेहद घटिया विरोध प्रदर्शन अब जिला प्रशासन के लिए बड़ी टेंशन बन गया है। खुफिया रिपोर्टों में भी हर दिन ये बात सामने आ रही है कि अलीगढ़ की जनता में धार्मिक कट्टरता के प्रदर्शन से दहशत बढ़ती जा रही है, जिससे माहौल कभी भी खराब हो सकता है। हालांकि आम जनता नेताओं की इन हरकतों को बिल्कुल पसंद नहीं कर रही है। विधानसभा चुनावों को लेकर ‘सत्ता का ख्वाब’ देखने वाले ये नेता इन दिनों जनता की नजरों में किसी ‘खलनायक’ से भी गए गुजरे हो चुके हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन का एकतरफा रुख भी जनता की नाराजगी की बड़ी वजह बनता जा रहा है। ऐसे में 18 दिन बाद मनाई जाने वाली ईद पर अमन चैन कायम रखना एक बड़ी चुनौती बन चुका है।
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इन सभी घटनाक्रमों पर अब जिला प्रशासन भी सख्त होता जा रहा है। बानियापाड़ा का बेवजह खड़ा किया गया प्रकरण हो या फिर आर्यवीर दल का वीरांगना प्रशिक्षण शिविर। जिला प्रशासन अब सभी गतिविधियों पर नकेल कसता जा रहा है, ताकि किसी भी तरह से शांति बनी रहे।
शनिवार को प्रभारी डीएम एवं एडीएम सिटी के कक्ष में केवल दो राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं की मौजूदगी से कयास लगाए गए कि गुजरे कुछ दिनों से हो रही गरमागरमी को लेकर ही बैठक बुलाई गई है। बैठक में प्रशासन ने सख्ती से संदेश दिया कि माहौल बिगाड़ने की कोई भी ‘राजनीति’ बर्दाश्त नहीं होगी। बेहद कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। बैठक के ठीक बाद जिला प्रशासन ने ईद तक निषेधाज्ञा लागू कर दी। अचानक नेताओं के पहुंचने से एडीएम सिटी का स्टाफ भी कुछ देर के लिए हैरत में पड़ गया। लेकिन नेताओं ने ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के बजाय इसे सामान्य मुलाकात करार दिया, लेकिन ‘सामान्य मुलाकात’ के दौरान कक्ष में स्टाफ कर्मियों के प्रवेश को भी मना कर देने से इसकी गंभीरता का पता चलता है।
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सियासी आड़ में माहौल बिगाड़ा तो पड़ेगा भारी
महानगर में अचानक पैदा हुए सियासी गतिरोध पर पुलिस प्रशासनिक स्तर से सख्त नजर रखी जा रही है। खुफिया एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है। अगर किसी गतिविधि के चलते कहीं माहौल बिगड़ने जैसी स्थिति पैदा होगी तो निश्चित तौर पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए उन खुराफाती तत्वों को चिह्नित भी किया जा रहा है, जो अक्सर इस तरह के हालात में मौका उठाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लग जाते हैं। पिछले कई दिन से अचानक महानगर में सियासी गतिरोध बना हुआ है। पक्ष विपक्ष एक दूसरे पर टीका टिप्पणी में लगा हुआ है। इसे लेकर खुफिया एजेंसियां तो नजर बनाए ही हुए हैं। साथ में पुलिस भी अपने स्तर से सतर्कता बरते हुए है। किसी को माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हर स्तर पर नजर रखी जा रही है। इस संबंध में एसएसपी लव कुमार बताते हैं कि शहर के अमन से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। राजनीतिक मुद्दों पर कोई क्या कह रहा है, उससे कोई मतलब नहीं।

महानगर में 10 जुलाई तक लागू रहेगी निषेधाज्ञा
अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर अवधेश कुमार तिवारी ने महानगर में माह जून व जुलाई में पड़ने वाले विभिन्न त्योहारों तथा विभिन्न राजनैतिक पार्टियों द्वारा आगामी विधान सभा चुनावों को लेकर जनपद में सक्रियता के दृष्टिगत तत्काल प्रभाव से 10 जुलाई तक महानगर क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लघंन करेगा तो बिना वारंट गिरफ्तार किया जायेगा तथा आईपीसी की धारा 144 के अंतर्गत दंडनीय होगा।
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