हिस्ट्रीशीटर है हत्यारोपी दुष्यंत, अभिषेक लग चुका है रासुका
भाई की हत्या के आरोपी अभिषेक का अपराध से पुराना नाता है। उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) सहित हमला, गुंडा एक्ट आदि के तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, दुष्यंत उर्फ काका पुराना हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ सासनी गेट थाने में हिस्ट्रीशीट नंबर 35ए खुली हुई है। इसके साथ ही हमले आदि के 22 आपराधिक मामले थाने के रिकार्ड में उस पर दर्ज हैं।
इंस्पेक्टर सासनी गेट अनूप कुमार भारतीय के अनुसार ताला कारोबारी चंद्रशेखर शर्मा के बड़े बेटे अभिषेक शर्मा उर्फ चंचल के विषय में जानकारी मिली है कि वह शुरुआत से ही रंगबाजी का शौकीन रहा है। इस शौक को उसके रिश्ते के चाचा दुष्यंत ने बढ़ावा दिया। इस दौरान उस पर हमला आदि के मुकदमे दर्ज हुआ।
इंस्पेक्टर के अनुसार अब तक उस पर हमला, गुंडा और रासुका का मुकदमा रिकार्ड में मिला है। बाकी और भी मुकदमों की जानकारी है, जिन्हें जुटाया जा रहा है। हालांकि उसकी हरकतों से तंग आकर घर वालों ने उसे बैंग्लोर भेज दिया था। वहां कुछ दिन रहने के बाद परिवार वालों ने उसे वापस बुला लिया था। एक बार दुष्यंत और अभिषेक के बीच भी कहासुनी हुई थी। जिसमें अभिषेक ने दुष्यंत का सिर फाड़ दिया था। इसके बाद दोनों में टकराव की स्थिति बन गई।
बाद में समझौता होने पर फिर से एक साथ रहने लगे। उनकी इसी दबंगई की वजह है कि कारखाने के आसपास जब पुलिस लोगों से पूछताछ करने गई तो वहां कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं था। इसके पीछे अभिषेक और दुष्यंत की दहशत ही बड़ी वजह बताई जा रही है। कुछ लोगों ने दबी आवाज में बताया कि इन लोगों ने मोहल्ले में आतंक मचा रखा था। डर है कि मुंह खोलेंगे तो उनके परिवार को कोई नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
इधर, सौरभ शर्मा की जिस टेंट गोदाम से पंखा निकालकर उसकी लोहे की रॉड से हत्या की गई वह गोदाम सोमवार को ताले में बंद रहा। इधर, बजरंग दल संगठन से मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक को कुछ माह पहले एक कार्यक्रम के लिए प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी जो कि अस्थायी थी। अब संगठन में उस पर कोई जिम्मेदारी नहीं है।
बदहवास पत्नी ने खुद भी छत से कूदने की कोशिश की
साढ़ू सौरभ की हत्या की खबर पर पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय अपनी धर्मपत्नी हाथरस से चेयरमैन का चुनाव लड़ चुकीं ऋतु उपाध्याय संग सुबह ही यहां पहुंच गए थे। सुबह से पूरे समय पोस्टमार्टम आदि की औपचारिकताओं कराने के बाद शव को साथ लेकर जयगंज स्थित घर पहुंचे। जहां पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय भी पहुंच गए थे।
इस दौरान शव को देखकर पत्नी लिली का हाल बेहाल हो गया। बमुश्किल उसे संभाला गया। उसने छत से कूदने तक की कोशिश की। बाद में उसने अंतिम संस्कार के लिए शमशान तक जाने की जिद की। इस पर उसे पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय और उसके बहनोई मुकुल उपाध्याय ने जैसे तैसे संभाला।
अंतिम संस्कार के बाद लिली को उसके मायके वाले ये कहकर बच्चों सहित हाथरस साथ ले गए कि यहां उसकी जान को खतरा है। यहां उसके साथ कुछ भी हो सकता है। अब यहां उसका कोई रक्षक नहीं है।
मामा की गोद में मासूम ने सकपकाते हाथों से दी पिता को मुखाग्नि
सौरभ शर्मा के शव का रिश्तेदारों ने सासनी गेट स्थित शमशान घाट में अंतिम संस्कार किया। यहां सौरभ के चार वर्षीय बेटे अर्व ने पिता के शव को मामा पवन पाठक की गोद में रहकर मुखाग्नि दी। इस मंजर को देख हर किसी की आंखें नम हो गई।
एक समय तो ऐसा आया कि मासूम के हाथ में रिश्तेदारों ने मुखाग्नि के लिए हाथ में आग लगी लकड़ी दी तो वह सकपका उठा और आग से डरकर रोने लगा। जैसे-तैसे रिश्तेदारों ने मासूम को शांत किया और उसके हाथों सौरभ के शव का अंतिम संस्कार कराया।
सौरभ की मौत से उनके दो बच्चों चार वर्षीय अर्व और छह माह के मासूम रोमियो के सिर से पिता का साया उठ गया है। बस्ती-मोहल्ले के लोग बच्चों और पत्नी लीली की हालत को देख सहम गए।