अलीगढ़ में क्रॉसर होटल स्वामी और पुलिसकर्मियों से मारपीट के बाद कोतवाली हाथरस गेट पर रात भर हाईप्रोफाइल ड्रामा चलता रहा। कुछ हिंदूवादियों ने थाना परिसर में ही धरना पर बैठ कर हनुमान चालिसा का पाठ शुरू कर दिया। इस दौरान विरोधियों ने जमकर नारेबाजी भी की। भारी संख्या में जिले की पुलिस फोर्स थाने में ही मौजूद रही। इसके बाद शनिवार सुबह पुलिस ने नामजद 11 आरोपियों को रिहा किया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
मामला शुक्रवार रात शहर के अलीगढ़ रोड स्थित एक ढाबे पर हुई मारपीट से संबंधित था। मालूम हो कि शुक्रवार रात को अलीगढ़ रोड स्थित ढाबा नुमा धमीजा होटल पर बजरंग दल के एक पदाधिकारी का होटल संचालक से के साथ विवाद हो गया था। होटल स्वामी के साथ मारपीट की गई थी और होटल में भी तोड़-फोड़ हुई थी।
यह विवाद बाद में खासा बढ़ गया था। इसी दौरान होटल पर पुलिसकर्मियों से भी उनकी भिडंत हो गई थी। इसके बाद हिंदूवादियों के समर्थन में पहुंचे बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने थाने पर काफी शोर शराबा किया था। बाद में थाने के अंदर भी खासा हंगामा मच गया और वहां भी तोड़-फोड़ हुई।
पुलिस ने 11 हिंदूवादियों को थाने में बद कर दिया था तो कुछ बड़े पदाधिकारी भी वहां पहुंच गए थे। पुलिस ने जब इन्हें छोड़ने से मना कर दिया तो रात में इन लोगों ने थाना परिसर में ही धरना देना शुरू कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सिटी रामशब्द यादव व कई थानों की फोर्स रात में फिर वापस आ गई।
हिंदूवादी थाना परिसर में ही नारेबाजी करने लगे और वहां हनुमान चालीसा पढने लगे। इसके बाद कुछ बड़े नेताओं के फोन भी आने लगे। बाद में शनिवार की सुबह साढ़े पांच बजे होटलस्वामी की तहरीर के बाद गिरफ्तार किए गए 11 लोगों को पुलिस ने थाने से ही मुचलके पर छोड़ा तब मामला शांत हुआ। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक का कहना था कि होटलस्वामी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपियों को थाने से मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।