अप्रैल में ही 40 के पार पहुंचे पारे ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मलखान सिंह जिला अस्पताल में तीन लोग हीट स्ट्रोक का शिकार होकर पहुंचे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हीट का शिकार होने वालों में एक बस यात्री भी था।
गुरुवार को भी अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा। साथ ही न्यूनतम तापमान में भी बुधवार के मुकाबले 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो गई और यह 25 डिग्री सेल्सियस रहा।
गुरुवार को धूप के तेवर सुबह से ही तल्ख थे।
सुबह के बाद ही गर्म लपटें चलनी शुरू हो गईं। दोपहर बाद मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एटा जा रहे पुष्पेंद्र कुमार निवासी निधौली रोड को लाया गया। इनको हीट स्ट्रोक की समस्या थी। प्राथमिक उपचार के बाद इनको छुट्टी दे दी गई। इसके अलावा नौरंगाबाद निवासी राजेंद्र सागर और नगला मसानी की सविता देवी को भी गर्मी की समस्या के चलते अस्पताल लाया गया।
इनको भी उपचार के बाद घर पर आराम करने की सलाह दी गई। जिला अस्पताल के डॉ. यशपाल रावल कहते हैं कि भीषण गर्मी में बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है। बेहद साधारण से उपाय करके गर्मी के प्रहार से बचा जा सकता है।
बीट द हीट इस तरह
घर से बहार निकलने से पहले पानी पीएं, पानी की बोतल साथ रखें
तरल पदार्थों का सेवन करें, गरिष्ठ और तले हुए खाने से दूरी रखें
दोपहर के समय जब तापमान सबसे अधिक होता है तो जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलें
नीबू, संतरा, खरबूज, तरबूज, ककड़ी, प्याज आदि का अधिक से अधिक सेवन करें
संभव हो तो छतरी, टोपी या अंगोछे का इस्तेमाल सर ढकने के लिए करें