बदलते मौमस के बीच अब तक लोग बुखार से ही पीड़ित थे, मगर अब डायरिया भी असर दिखाने लगा है। इसके बावजूद डायरिया के मरीज अस्पताल पहुंचने लगे हैं। शुक्रवार को हालांकि हाफडे था, मगर जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल में मरीजों की संख्या खासी रही। जिन्हें उपचार देकर व सलाह देकर घर भेजा गया। बुखार पीड़ित अब जरा से बिगड़े खानपान के चलते डिहाइड्रेशन व डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। मलिन बस्तियों में इसका असर कुछ ज्यादा है। ये वे इलाके हैं, जहां दूषित पानी की आपूर्ति है और लोग उसे पीने को मजबूर हैं। दोनों अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या अधिक थी। डॉक्टर लोगों से गरमी में सुरक्षित खानपान व शुद्ध पानी के प्रयोग की सलाह दे रहे हैं। धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं।
बच्चों को लेकर भी दी डॉक्टरों ने सलाह
डॉ. प्रदीप बंसल का कहना है कि अगर बच्चों को डायरिया हो जाए तो तत्काल उसका उपचार कराना चाहिए। शरीर में पानी की कमी होने को हीट स्ट्रोक कहा जाता है। तापमान बढ़ने पर लू का खतरा रहता है। इसमें पानी की कमी होने पर उल्टी के साथ तेज बुुखार होता है और बेहोशी आने लगती है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक की सलाह लें। तेज बुखार होने पर माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखें।
बचाव के उपाय
1. सिर को सूती कपड़े से ढकना चाहिए।
2. तरल पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
6. शिकंजी, छाछ, जूस, पानी के साथ ग्लूकोज का सेवन करें।
7. बच्चे के शरीर में पानी की कमी न होने दें, सादा पानी पीते रहें।
8. खरबूजा, तरबूज, ककड़ी, खीरा आदि का सेवन करें।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
तेज बुखार के साथ उल्टी होना।
उल्टी और बुखार के साथ दस्त होना।
बच्चों में बेचैनी होना, बेहोशी छा जाना।