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Aligarh News: दस अदालतों में 140 मामलों की नहीं हो सकी सुनवाई

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कलेक्ट्रेट के बाहर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद
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कलेक्ट्रेट में संचालित होने वाली दस अदालतों में विचाराधीन तकरीबन 140 मामलों में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण दोपहर 12.30 बजे कलेक्ट्रेट के दोनों गेटों को बंद कर दिया गया था। यहां पर बेहद सख्त सुरक्षा प्रबंध रहा। जिससे वकील, फरियादी और आमजन अंदर नहीं जा सके। सभी मामलों में अब अलग-अलग तारीखें दी गई हैं।
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दरअसल, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पहले पीडब्ल्यूडी और इसके बाद विकास कार्यों की अलग-अलग बैठकें होनी थी। पीडब्ल्यूडी की बैठक दोपहर 3.10 से 4.10 बजे तक चली। इसके बाद सीएम योगी नुमाइश मैदान की जनसभा में चले गए। नुमाइश मैदान से लौटकर उन्हें विकास कार्यों की बैठक में शामिल होना था। इसलिए सुरक्षा के सभी इंतजाम वैसे ही रहे।


कलेक्ट्रेट के दोनों प्रवेश द्वार बंद किए जाने से पहले जो वकील और फरियादी परिसर के अंदर पहुंच भी गए, उन्हें भी अदालत तक जाने नहीं दिया गया। बाहर तैनात पुलिस कर्मियों ने बता दिया कि आगे की तारीख मिलेगी, कल पता कर लेना, आज अंदर नहीं जा सकते। यह सुनकर वकील और फरियादी मायूस हो गए और उन्हें लौटना पड़ा।
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ये हैं कलेक्ट्रेट की अदालतें
कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम, एडीएम फाइनेंस, एडीएम प्रशासन, एडीएम सिटी, एसीएम प्रथम, एसीएम द्वितीय, सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम न्यायिक, चकबंदी सीओ और चकबंदी एसओसी की दस अदालतें संचालित होती हैं।

- मुख्यमंत्री का दौरा होना अच्छी बात है, लेकिन प्रशासन को सुरक्षा का ऐसा इंतजाम करना चाहिए, जिससे अदालतों में सामान्य कामकाज होता रहे, उसमें कोई दखल न हो। सुनवाई नहीं होने से समय और रुपये बर्बाद होते हैं। - रघुवीर सिंह कुशवाहा, अधिवक्ता


- कलेक्ट्रेट परिसर में आए दिन वीआईपी मूवमेंट होता रहता है। चुनावी वर्ष में यह सिलसिला और बढ़ जाएगा। ऐसे में अदालतों में सुनवाई जारी रखने के लिए अलग से इंतजाम किया जाना चाहिए। - हेमेंद्र कुमार वार्ष्णेय, अधिवक्ता

- तारीख करने आया था, लेकिन यहां पर कड़ी सुरक्षा होने के कारण अंदर नहीं जा सका। अब जुलाई की तारीख मिली है। एक महीने तक इंतजार करना होगा। - जाविर अली निवासी धौर्रामाफी




- एक पारिवारिक विवाद में एसीएम की अदालत में मामला विचाराधीन है। एडवोकेट अशोक कुमार सिंह ने बताया कि आगे की तारीख मिली है। अब दोबारा आना पड़ेगा। - राजेश निवासी सिंधौली




- सैनिक कल्याण बोर्ड के दफ्तर में काम से आया था। कलेक्ट्रेट का गेट बंद होने के कारण ढाई घंटे तक बेवजह रुकना पड़ा। दिन के दूसरे जरूरी काम पूरे नहीं हो सके। - विजेंद्र पाल सिंह, पूर्व सैनिक धनीपुर मंडी।
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