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Digital Chowki: शिकायतों पर 24 घंटे में सुनवाई, हर थाने की अलग निगरानी, शिकायत से सियासी पोस्ट तक नजर

Sat, 28 Feb 2026 01:30 PM IST
Chaman Kumar Sharma अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

पुलिस के मुताबिक, कोशिश रहती है कि कुछ घंटों के भीतर शिकायतकर्ता को अपडेट मिल जाए। इसके लिए सोशल मीडिया की एक पूरी टीम है जो इन शिकायतों को संबंधित थाने तक भेजते हैं और कार्रवाई की स्थिति जानकर जवाब देते हैं।
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सोशल मीडिया सेल - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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थाने की चौखट से पहले अब मोबाइल स्क्रीन दस्तक दे रही है। अलीगढ़ में सोशल मीडिया पुलिस के लिए नई डिजिटल चौकी बन गया है, जहां ऑनलाइन शिकायतों पर 24 घंटे में सुनवाई का दावा किया जा रहा है।

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रोजाना 15 से 20 शिकायतें फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और व्हाट्सएप के जरिये पहुंच रही हैं, जिन पर थानों से रिपोर्ट लेकर जवाब दिया जा रहा है। हालांकि सवाल यह भी है कि क्या डिजिटल फुर्ती जमीनी कार्रवाई में भी उतनी ही तेजी ला पा रही है?

पुलिस के मुताबिक, कोशिश रहती है कि कुछ घंटों के भीतर शिकायतकर्ता को अपडेट मिल जाए। इसके लिए सोशल मीडिया की एक पूरी टीम है जो इन शिकायतों को संबंधित थाने तक भेजते हैं और कार्रवाई की स्थिति जानकर जवाब देते हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर दो पहलू सामने हैं, जिसमें से एक ये कि जवाब से शिकायतकर्ता को भरोसा मिलता है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठता है कि क्या हर ऑनलाइन प्रतिक्रिया के समानांतर जमीनी स्तर पर भी उतनी ही तेजी से कार्रवाई संभव हो पाती है?

सोशल मीडिया पहले से बहुत मजबूत हुई है। उसे अब और समृद्ध किया गया है। प्रदेश स्तर पर डीजीपी मुख्यालय से भी हमारी निगरानी होती है, जिसमें टीम को तारीफ मिलती है। आज के दौर में इस प्लेटफार्म का विशेष महत्व है। इसलिए इसे लगातार समृद्ध किया जा रहा है।-नीरज जादौन, एसएसपी

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बरामदे से कमरे तक पहुंची सेल
वर्ष 2018 में जब यह सेल सीमित संसाधनों के साथ संचालित होती थी, तब यह एसएसपी आवास के बरामदे से चलती थी। अब इसे अलग कमरे में शिफ्ट कर कंप्यूटर और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रभारी सहित छह कर्मियों की तैनाती की गई है। एसएसपी नीरज जादौन का कहना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इसे व्यवस्थित किया गया है। प्रदेश स्तर पर भी डीजीपी मुख्यालय से इसकी मॉनिटरिंग होती है।

शिकायत से लेकर सियासी पोस्ट तक नजर
सेल सिर्फ शिकायतों तक सीमित नहीं है। विवादित पोस्ट, किसी घटना पर तीखी टिप्पणी या राजनीतिक बयानबाजी पर भी नजर रखी जाती है। यदि कोई पोस्ट अलीगढ़ से जुड़ी होती है तो उस पर पुलिस की ओर से जवाब दिया जाता है। हाल में जवां क्षेत्र के सुनाना गांव की घटना के दौरान कई पोस्ट पर पुलिस ने प्रतिक्रिया दी। अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए यह जरूरी कदम है।

ऐसे काम करता यह सेल
सोशल मीडिया के चार प्लेटफार्म फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स व व्हाट्सएप पर अलीगढ़ पुलिस के एकाउंट व चैनल बने हैं। जिन पर लोगों की शिकायत प्राप्त की जाती है। सेल में कार्यरत स्टाफ उन शिकायतों पर संबंधित थाने से जानकारी मांगते हैं। अगर कार्रवाई नहीं हुई है तो थाना पुलिस से अगले चंद घंटों में कार्रवाई कराकर शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाता है। चाहे पोस्ट करने वाला जिले का है या प्रदेश या देश के किसी कौने से ताल्लुक रखता है। अलीगढ़ को लेकर कोई टिप्पणी की है तो उस पर यह सेल पुलिस कार्रवाई से अवगत कराते हुए जवाब देती है। एसएसपी इसकी लगातार निगरानी करते हैं। खुद भी एक्स पर सक्रिय रहकर जवाब देने से पीछे नहीं हटते।
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