अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में शुल्क वृद्धि के विरोध व छात्रसंघ चुनाव सहित अन्य मांगों को लेकर चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे दोनों छात्रों की तबीयत बिगड़ रही है। लगातार उनका रक्तचाप और मधुमेह का स्तर नीचे गिर रहा है लेकिन अभी तक इंतजामिया ने वार्ता करना तो दूर उनका हालचाल तक नहीं लिया है।
एएमयू में 2 अगस्त से शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन अब भूख हड़ताल में बदल गया है। यूनिवर्सिटी के बाब-ए-सैयद पर छात्र सैयद कैफ हसन और मोहम्मद रैय्यान चार दिन से भूख हड़ताल बैठे हैं। 16 अगस्त देर रात दोनों छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने छात्रों को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है। इधर, छात्रों का कहना है कि जब तक कुलपति उनसे मिलने नहीं आएंगी हड़ताल जारी रहेगी।
इंतजामिया के खिलाफ निकाला विरोध मार्च
17 अगस्त को एएमयू छात्रों ने इंतजामिया के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। यूनिवर्सिटी के मौलाना आजाद लाइब्रेरी से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकला। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
एएमयू में चल रहे गतिरोध पर जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के अधिवक्ता व एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष इरशाद अहमद ने कुलपति को पत्र लिखकर परिसर में चल रहे गतिरोध पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ती जा रही है। इंतजामिया को चाहिए कि वह छात्रों के साथ संवाद शुरू करे और समस्याओं को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करे।