छात्रों और ग्रामीण यह बोले
कक्षा आठ की छात्रा नेहा ने बताया कि गलती छात्र की थी। अधिकारियों ने प्रधानाध्यापिका की बात नहीं सुनी और जांच करके चले गए। कक्षा चार की छात्रा कनिष्का ने बताया कि स्कूल का पीछे का कमरा बंद रहता है। अनुज खेलते हुए उस कमरे में चला गया था, जहां स्विच पकड़ने से उसे करंट लगा। गांव के संजय कुमार ने कहा कि प्रधानाध्यापिका की गलती होने पर ही निलंबन उचित होता। बिना गलती के निलंबन सही नहीं है। ग्रामीण सज्जन कुमार ने बताया कि प्रधानाध्यापिका के आने के बाद स्कूल में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अध्ययन कार्य में भी सुधार हुआ है, इसलिए उनका निलंबन उचित नहीं है।
प्रधानाध्यापिका यह बोलीं
प्रधानाध्यापिका स्मिता गुप्ता ने बताया कि स्कूल के पीछे एक कमरा है जो सामान्यतः बंद रहता है। 9 सितंबर को साफ-सफाई के लिए ही उसे खोला गया था। कक्षा दो का छात्र अनुज उसी कमरे में पहुंच गया। वहां लगी बल्ब के स्विच को छूने से वह करंट की चपेट में आया। उन्होंने जांच करने आए एबीएसए को इस बारे में बताया था।