हाथरस कांड के विरोध में गाजियाबाद में वाल्मीकि समाज के लोगों द्वारा बौद्ध धर्म अपनाने के मामले में बिटिया के पिता का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने इसे लेकर कुछ सोचा है। उनका कहना है कि अभी उनसे इस सिलसिले में किसी ने भी संपर्क नहीं किया है। बिटिया के पिता का कहना है कि अभी उन्हें फसल काटने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे। ऐसे में उनकी पूरी फसल बर्बाद हो रही है।
हाथरस की घटना के विरोध में गाजियाबाद में 236 लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाया है। इस सिलसिले में जब बिटिया के पिता से पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस सवाल के जवाब में क्या वह भी भविष्य में धर्म परिवर्तन करेंगे तो उन्होंने कहा कि इस बारे में भी उन्होंने अभी तक कुछ नहीं सोचा है। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि उनसे अभी किसी से इस संबंध में संपर्क भी नहीं किया है। बिटिया के पिता ने कहा कि अभी उन्होंने कहीं बाहर जाने की भी योजना नहीं बनाई है। उन्होंने कहा कि हाथरस में उन्होंने कुछ लोगों से फसल काटने के लिए कहा था, लेकिन वहां से भी अभी तक कोई नहीं आया है। इस सवाल पर कि आखिर उनकी फसल काटने के लिए कोई क्यों नहीं आ रहा तो वह बोले कि इस बारे में भी वह कुछ नहीं कह सकते। दो नवंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई को लेकर उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अभी इस सिलसिले में उनसे कोई संपर्क नहीं किया है।
सीबीआई द्वारा बुधवार को घर पर आकर पूछताछ करने के बारे में उन्होंने कहा कि सीबीआई ने उनके बेटे व पत्नी से ही काफी पूछताछ की है। परिवार की सुरक्षा पर उन्होंने संतोष जताया। उन्होंने यह भी कहा कि आज गांव व क्षेत्र के जो लोग पंचायतें कर रहे हैं और इस मामले को झूठा बता रहे हैं, जब 15 दिन तक उनकी बेटी अस्पताल में भर्ती थी तो उस समय यह लोग वहां क्यों नहीं आए।