सपा के बाद राष्ट्रीय लोकदल नेता जयंत चौधरी, पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, जयंत चौधरी प्रवक्ता सुनील रोहटा, सागर मालती, सुलेखा चौधरी आदि पहुंचे। इन नेताओं ने भी पिता, मां व भाइयों से अलग-अलग बात की और संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार के साथ खड़े होने का वादा करते हुए उनकी समस्या पूछी। परिवार ने अपनी वही बातें दोहराईं।
सुरक्षा का मसला भी रखा। इस पर नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी के लोग बराबर आपके संपर्क में रहेंगे। वहीं रालोद नेता जयंत चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में सोमवार को लखनऊ में राज्य महिला आयोग और फिर दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग के पदाधिकारियों से मुलाकात करेगी। इसके बाद यह नेता परिवार को सांत्वना देते हुए चले गए।
दोपहर में आजाद समाज पार्टी/ भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद, पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह, असद हयात आदि कुछ कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक टीम परिवार से मिलाने लेकर पहुंची। इस दौरान आजाद ने परिवार के लोगों से अकेले में बातचीत की। तीस मिनट तक बातचीत के बाद आजाद ने बाहर आकर यह मुद्दा उठाया कि परिवार की सुरक्षा को खतरा है। वह इस परिवार को अपने साथ ले जाना चाहते हैं या फिर प्रशासन वाई श्रेणी की सुरक्षा का वायदा करे।
साथ में उन्होंने भी परिवार की मांग के अनुसार न्यायिक जांच की मांग पर जोर दिया। परिवार ने भी उनके साथ जाने की बात कही। किसी तरह प्रशासन ने उन्हें समझाया और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। तब जाकर वे वहां से जाने को तैयार हुए। पुलिस प्रशासनिक मशीनरी कड़े घेरे में उन्हें बाहर लेकर गई। उनके जाने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।