13 मार्च को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक पीड़ित छात्रा के नाम से शिकायती प्रार्थना पत्र मय आडियो/वीडियो सीडी संलग्न सहित प्राप्त हुई। इस सीडी की जांच में पाया गया कि पीसी बागला डिग्री कॉलेज में नियुक्त भूगोल प्रवक्ता रजनीश कुमार द्वारा कॉलेज की अनेकों छात्राओं के साथ कॉलेज एवं अपने घर पर उनका यौन शोषण करते हुए शारीरिक दुष्कर्म किया गया है, जिसके फोटो वीडियो स्वयं आरोपी प्रवक्ता रजनीश कुमार द्वारा अपने मोबाइल फोन एवं लैपटाप से बनाकर छात्राओं का निरंतर यौन शोषण किया गया है। इस मामले में थाना हाथरस गेट पर नियुक्त उप-निरीक्षक सुनील कुमार, चौकी इंचार्ज आद्यौगिक क्षेत्र के द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया।पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में तीन टीमों का गठन किया और मामले की जांच सहित आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। मुकदमा दर्ज होते ही मामला सुर्खियों में आ गया।
2008 में रिश्ते के लिए आई युवती से संबंध बनाने के बाद शुरू हुआ दरिंदगी का सिलसिला
19 मार्च की रात को पुलिस ने प्रयागराज के सुभाष चौक थाना क्षेत्र सिविल लाइन से प्रोफेसर रजनीश कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि उक्त आरोपी प्रोफेसर गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत प्राप्त करने के लिए प्रयागराज पहुंचा था। पूछताछ में सामने आया कि उक्त आरोपी द्वारा 2008 में सबसे पहले अपने घर में रिश्ते के लिए आई युवती के शारीरिक संबंध बनाए गए थे। उन संबंधों की रिकॉर्डिंग घर में लगे कम्प्यूटर के वेबकैम से की थी। उसके बाद उक्त आरोपी प्रोफेसर रजनीश कुमार ने घर व महाविद्यालय परिसर में छात्राओं को यौन शोषण करना शुरू कर दिया।यहां तक कि अपने पद का प्रभाव दिखाते हुए महाविद्यालय में कार्यरत एक चुतर्थ श्रेणी कर्मचारी का यौन शोषण किया और उसकी वीडियो भी बनाई। करीब 17 साल से प्रोफेसर रजनीश कुमार छात्राओं का यौन शोषण कर वीडियो बनाता था। पुलिस ने उक्त आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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1996 में हुई थी शादी, संतान न होने के चलते पत्नी से संबंध नहीं थे अच्छे
प्रोफेसर रजनीश कुमार मथुरा के थाना मांट क्षेत्र के गांव जाबरा के रहने वाले थे, फिलहाल में चमन बिहार कॉलोनी में रहते थे। पूछताछ में बताया कि वर्ष 2001 में पीसी बागला कॉलेज में बतौर शिक्षक नियुक्त हुआ और वर्ष 2016 में वह इस कालेज में भूगोल विभागाध्यक्ष हो गया । जुलाई 2024 में उसे इस काॅलेज का अनुशासन अधिकारी बनाया गया। शादी वर्ष 1996 में हुई लेकिन कतिपय कारणों से उसकी कोई संतान नहीं हो पाई और उसकी पत्नी के साथ उसके पारिवारिक संबंध भी अच्छे नहीं रहे है।
यह बोले अधिकारी
प्रोफेसर रजनीश कुमार ने 2008 में सबसे पहले रिश्ते के लिए आई लड़की से संबंध बनाए थे। पूछताछ में बताया है कि उसी समय से उसके दिमाग में इस तरह से यौन शोषण करने का ख्याल आ गया था। इसके बाद महाविद्यालय में कई छात्राओं के साथ साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का यौन शोषण किया था। फिलहाल रजनीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। -चिरंजीव नाथ सिन्हा, एसपी।
कॉलेज में पहली बार कर्मचारी का यौन शोषण
पूछताछ के दौरान रजनीश कुमार ने बताया कि महाविद्यालय परिसर में यह कुकृत्य वर्ष 2019 में शुरू किया। उसने अपने कॉलेज में संविदा पर नियुक्त एक चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी को भी अपन प्रभाव दिखाकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद के अपने भूगोल कक्ष के केबिन में ही उस चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महिला का कई बार यौन शोषण किया और उसका वीडियो बनाया। इसके बाद फिर लगातार छात्राओं को अपने मकड़ जाल में फंसाया और अपने पद का प्रभाव दिखाते हुए छात्राओं को उच्चतर कोर्सेस में दाखिला कराने, उनको नौकरी लगवाने एवं परीक्षा में अच्छे अंक दिलाकर पास कराने का प्रलोभन देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था।
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छात्राओं का महंगे गिफ्ट और पैसे भी देता था
यहां तक कि छात्राओं को समय-समय पर महंगे गिफ्ट और पैसे भी देता था। जब छात्राओं से उसकी नजदीकियां अच्छी-खासी स्थापित हो जाती थी, तो उनके साथ अपने आफिशियल चेंबर में शारीरिक सम्बन्ध बनाता था और छात्राओं की जानकारी के बगैर एक साफ्टवेयर की मदद से स्वयं उनके अश्लील वीडियो भी बना लेता था। जब छात्राओं की वीडियो बन जाती थी , तो उन छात्राओं को जब सेक्स करने का मन करता था, तो वीडियो दिखाकर प्रताड़ित कर फिर बुला लेता था और यौन शोषण करता था।
पूरी प्लानिंग के तहत छात्राओं को फंसाता था
प्रोफेसर रजनीश पूरी प्लानिंग के तहत छात्राओं को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद इन छात्राओं को ब्लैक मेल कर यौन शोषण करता था। रजनीश कुमार ने छात्राओं को अपने जाल में फंसाने के लिए पूरे इंतजाम कर रखे थे। रजनीश ने अपने मोबाइल और लैपटॉप में ऐसा सॉफ्टवेयर डाल रखा था जो कि मोबाइल फोन व लैपटाप का फ्रंट स्क्रीन बंद रहने की स्थिति में फ्रंट कैमरे से बैक-एण्ड में वीडियो रिकॉर्ड करता रहता था। जिसकी जानकारी पीड़िता छात्राओं को नहीं हो पाती थी।
कॉलेज के केबिन में बनाता था संबंध
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि जब छात्राओं से अपने घर या महाविद्यालय में बनी केबिन में संबंध बनाता था, तो उन्हें ब्लैक मेल करने के लिए प्रोफेसर अपने कैमरे व लैपटॉप में पडे़ उस सॉफ्टवेयर को चालू कर लेता था। जब छात्राएं लैपटॉप व कैमरे के रखने के एंगल पर सवाल उठाती तो दोनों की स्क्रीन बंद कर देता था, जिससे कि छात्राओं को यह संतुष्टि दे सके कि मोबाइल व लैपटॉप बंद है। जब स्क्रीन बंद हो जाती थी, तो छात्राओं का यौन शोषण करता था और बंद स्क्रीन के जरिए शारीरिक संबंध बनाने पलों की वीडियो बना लेता था। जब यह वीडियो रिकाॅर्ड हो चुका होता था तो इसका भय दिखाकर वह उनका लगातार यौन शोषण करता रहता था तथा अपने घर पर भी बुलाकर उनका यौन शोषण करता था। महाविद्यालय से पास-आउट होने के बाद भी उन छात्राओं को भयाक्रान्त कर वह उनके साथ यौन शोषण करता रहता था।
मुकदमा दर्ज होते ही अग्रिम जमानत के लिए भाग गया था प्रयागराज
13 मार्च को मुकदमा दर्ज होते ही आरोपी प्रोफेसर अपनी गाड़ी से प्रयागराज के लिए चला गया। प्रयागराज में कई अधिवक्ताओं से अपनी अग्रिम जमानत को लेकर परामर्श किया। इस दौरान प्रोफेसर ने अपनी तीनों मोबाइल फोन को बंद कर लिया था,जिससे कि पुलिस लोकेशन को ट्रेस आउट न कर सके। यहां तक कि 7 दिन तक हाईकोर्ट में स्टे के लिए भागदौड़ कर रहा था। पुलिस से बचने के लिए रजनीश ने अपना हुलिया भी बदल लिया। रजनीश ने न अपनी सेविंग बनाई न ऐसे कपडे़ पहने , जिनसे कि प्रोफेसर जैसी पहचान न हो सके। प्रोफेसर ने दाढ़ी को बढ़ा लिया था।
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