हाथरस कांड की कहानी में क्या झोल है, इस बात की पोल अब सीबीआई खोलेगी। तीन दिन रहकर गई एसआईटी ने जो भी साक्ष्य संकलित किए और शनिवार को हाथरस से लौटे डीजीपी व अपर मुख्य सचिव गृह ने जो भी तथ्य जुटाए। उन सभी पर देर रात लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर अध्ययन हुआ और इसी के बाद मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच का आदेश जारी किया।
कुल मिलाकर एसआईटी ने तीन दिन तक रहकर काफी कुछ साक्ष्य संकलित किए हैं। साथ में शनिवार को डीजीपी व अपर मुख्य सचिव गृह भी यहां आए हैं। दोनों पक्षों से अपनी-अपनी दलील हैं। अपने अपने तर्क हैं। साक्ष्य के नाम पर भी एसआईटी ने काफी कुछ संकलित किया है। इन सभी पर देर रात मुख्यमंत्री आवास पर चर्चा के बाद ही प्रकरण सीबीआई के हवाले किए जाने का फैसला हुआ है। इसे लेकर अंदरखाने यही खबर है कि कुछ तो ऐसा झोल है, जिसकी पोल अब सीबीआई खोलेगी। परिवार की ओर से भी नार्को व सीबीआई जांच न कराए जाने की दलील दी गई है। मगर सियासी तूल के कारण सरकार इस मामले में अब प्रारंभिक स्तर पर हुईं गलतियों को नहीं दोहराना चाहती। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है। संकेत हैं कि एक दो दिन में टीम हाथरस पहुंचकर केस अपने हाथ में लेगी।