महिला 40 फीसदी जल चुकी थी। एंबुलेंस बुलाकर महिला को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इस बीच एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय, इंस्पेक्टर विजय सिंह आदि भी आ गए। रात में फॉरेंसिक टीम भी जांच के लिए पहुंच गई।
डॉक्टर की पत्नी पर लगाया आरोप
इधर, महिला ने चीखते हुए पुलिस के सामने अपना नाम विमला पत्नी प्रेमचंद्र निवासी गोकुलेश पुरम, देवसैनी क्वार्सी बताया। 30 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि उसे फोन करके कल्पना यानि डॉक्टर की पत्नी ने बुलाया और बातचीत करते हुए पेट्रोल छिड़क कर उसे आग लगाकर खुद घर में बंद हो गई। इससे पहले उसने मुख्य दरवाजे पर ताला भी लगाया था।
कुछ दिनों से घर नहीं आ रहे स्वास्थ्य अधिकारी
इधर, पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि डॉक्टर कमल सिंह पिछले कुछ समय से अपने घर नहीं आ रहे। उनका फोन भी बंद था। अब वे क्यों घर नहीं आ रहे, क्यों फोन बंद था। ये सब जांच का विषय है। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बताया कि तमाम पहलुओं पर जांच की जा रही है। महिला द्वारा लगाया गया बयान भी गंभीर विषय है, तथ्यों की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
मैं नहीं जानती कौन है महिला
पुलिस के सामने डॉक्टर की पत्नी ने कहा कि वह इस महिला को नहीं जानती। वह घर में कैसे घुसी और कैसे आग लगी। वह तो चीख पर दरवाजे पर आई और अकेले होने के कारण खुद डर गईं।
बरामदे में मिलीं जली चप्पलें व चादर
मोहल्ले वालों के बचाने के दौरान एक चादर उसे उड़ाया था। आग की लपट इतनी तेज थी कि वह भी जल गई और चप्पलें भी जली मिली हैं।