एक आरोपी रामू के पिता राकेश का कहना है कि अभी तक रामू ने उनके पास जेल से कोई फोन नहीं किया है और न ही यहां से कोई उससे मिलने के लिए गया है। उनका कहना है कि सीबीआई मामले की जांच कर रही है और दूध का दूध और पानी का पानी होगा। दिवाली का पर्व नजदीक है, लेकिन बिटिया के गांव में इसे लेकर कोई उत्साह नहीं है।
बिटिया के पिता तो पहले ही कह चुके हैं कि इस बार तो त्योहार हमारे लिए खोटा है और हम ऐसे में क्या त्योहार मनाएंगे। यदि बात आरोपियों के यहां की करें तो तीन आरोपी संदीप, रामू, रवि एक ही परिवार के हैं। इनके यहां पुताई तो कराई गई है, लेकिन परिजनों का कहना है कि वह भी ऐसी स्थिति में क्या त्योहार मनाएंगे।
रामू के पिता राकेश कुमार का कहना है कि जब परिवार के तीन बच्चे जेल में हैं तो क्या त्योहार मनाएंगे। चारों आरोपियों के परिजन इस मामले में अपने बच्चों को निर्दोष बता रहे हैं।