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Hathras case: युवती का होना था एक टेस्ट, जिसकी सुविधा अलीगढ़ में है ही नहीं

Wed, 30 Sep 2020 11:03 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
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हाथरस कांड - फोटो : अमर उजाला
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हाथरस की बेटी 14 दिन मेडिकल कॉलेज में रखे जाने और उसे दिल्ली या अन्य कहीं पर बेहतर उपचार के लिए रेफर न किए जाने पर अब सवाल उठ रहे हैं। यह भी बात निकल कर आई है कि युवती के मुंह में पाइप डाल कर एक विशेष किस्म का एमआरआई होना था जो सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं है।  

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माना जा रहा है कि उपचार में इस प्रकार की उदासीनता भी बिटिया की जान चले जाने का एक कारण बनी। मंगलवार को नगर निगम में नगर सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने यह बात उठाई थी। 

वहीं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इंजीनियर आगा यूनुस ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि 14 सितंबर से जीवन के लिए संघर्ष करती पीड़ित और बेहाल परिवार मेडिकल कॉलेज में जूझता रहा।  
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उन्होंने कहा कि परिवार की रिश्तेदार के साथ खुद डॉक्टर से मिला। डॉक्टर ने भी बताया एक जांच की सुविधा तो मेडिकल कॉलेज में है ही नहीं। मुंह में पाइप डालकर एमआरआई होने की बात बताई गई, लेकिन यह जांच मेडिकल कॉलेज और संभवत अलीगढ़ में उपलब्ध नहीं है। देश की बेटी जिसको सर्वोच्च इलाज प्रथम दिन से मिलना था उसमें देरी क्यों हुई? देश जवाब मांग रहा है।

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