हाथरस के हींग कारोबारी की उज्जैन के होटल में मिली लाश
इंदौर रेलवे स्टेशन पर उसके 19 लाख रुपये आयकर टीम के जब्त करने से था दुखी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। शहर के प्रतिष्ठित हींग कारोबारी की उज्जैन के एक होटल में संदिग्ध अवस्था में लाश मिली है। इस व्यापारी को शुक्रवार को जीआरपी इंदौर ने 19 लाख की नकदी सहित पकड़ा था। इसके बाद आयकर की टीम भी वहां पहुंच गई थी। टीम ने रुपये जब्त करने के बाद कारोबारी को जाने दिया था। इससे वह बेहद क्षुब्ध हो गया था। उसकी आखिरी लोकेशन शनिवार को इंदौर के नीलम होटल में मिली थी। तब से पुलिस व परिजन उसकी तलाश में जुट गए थे। रविवार की देर शाम जानकारी मिली कि उसकी लाश
उज्जैन के एक होटल से बरामद हुई है। इससे परिवार में कोहराम मच गया। कानूनी प्रक्रिया के बाद शव के सोमवार को हाथरस पहुंचने की उम्मीद है। स्थानीय गिर्राज कॉलोनी निवासी राकेश बंसल की हींग की फैक्टरी है और उनका मसाले आदि का भी कारोबार है। उनका बेटा गौरव बंसल (40 वर्ष) कारोबार के सिलसिले में इंदौर गया था। उसने वहां तगादा भी एकत्र किया था। बताते हैं कि शुक्रवार की दोपहर वह वापस होने के लिए इंदौर स्टेशन पहुंचा। वहां से उसे मथुरा के लिए ट्रेन पकड़नी थी।
इसी दौरान वहां की जीआरपी ने गौरव को रोक कर तलाशी ली। उसके पास करीब 19 लाख नकद मिले। इस पर वहां जीआरपी ने इनकम टैक्स की टीम बुला ली। कार्रवाई के बाद गौरव से यह नकदी जब्त कर ली और उसे वहां से जाने दिया। क्षुब्ध होकर शनिवार की रात्रि दो बजे वह इंदौर में छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र में होटल नीलम की तीसरी मंजिल स्थित एक कमरे में ठहर गया। परिजनों की मानें तो होटल के सीसीटीवी कैमरे में सुबह छह बजे तक की गौरव की फुटेज देखी गई लेकिन उसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। जब गौरव का फोन स्विच ऑफ आने लगा और कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजनों को काफी चिंता हुई।
परिजनों ने इंदौर में अपने परिचित भेजे। कुछ परिजन शनिवार को ही यहां से वहां पहुंच गए और इंदौर पुलिस को इसकी जानकारी दी। वहां यह कमरे की तलाशी लेने पर खून के छींटे भी देखे गए। परिजनों ने जब वहां उसकी तलाश शुरू कर दी तो पता चला कि वह इंदौर से उज्जैन गया है। वहां परिजनों ने उसकी उज्जैन में तलाश की तो होटल प्रीती में एक कमरे में उसका शव संदिग्ध अवस्था में मिला।
इसकी जानकारी उज्जैन गए उसके परिजनों ने जब स्थानीय परिजनों को दी तो गौरव के घर पर मातम छा गया। जैसे ही शहर के स्थानीय व्यापारियों को यह जानकारी मिली तो काफी तादाद में व्यापारी मृतक के पिता व अन्य परिजनों को दिलासा देने के लिए उसके घर पर पहुंच गए। देर रात तक मृतक के घर पर काफी व्यापारियों का जमावड़ा था। वहीं कुछ परिजन उज्जैन में मौजूद थे।