बीते मंगलवार को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अरुण कुमार सक्सेना ने हरदुआगंज रेलवे स्टेशन और वहां के यार्ड का निरीक्षण किया। ट्रैक की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। व्यवस्थाएं दुरुस्त होतीं कि इससे पहले ही गुरुवार सुबह 5.50 बजे मालगाड़ी का इंजन डीरेल हो गया। यह डीरेलमेंट यार्ड की छह नंबर लाइन से तीन नंबर की लाइन पर आते वक्त हुआ।
रेलवे सूत्रों की माने तो ड्राइवर ने इंजन की शंटिंग करने के लिए किसी शंटमैन को नहीं बुलाया था। इंजन पहले आगे बढ़ा और फिर पीछे गया। इसी बीच इसके पहिये ट्रैक से उतर गए। हरदुआगंज से इसकी खबर अलीगढ़ पहुंची। अलीगढ़ में डीरेलमेंट की सूचना मिलते ही खलबली मच गई।
आनन-फानन में यहां के स्थानीय अधिकारियों की टीम हरदुआगंज पहुंची और जांच पड़ताल होने लगी। इंजन को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए कवायद शुरू हो गई। इसके लिए टूंडला से एक्सीडेंट रीलीफ ट्रेन को बुलाया गया था। घंटों की मशक्कत के बाद इंजन को ट्रैक पर खड़ा किया गया। रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि इस प्रकरण की जांच हो रही है कि आखिर किसकी गलती से इंजन डीरेल हुआ है। इस दौरान कहीं भी ट्रेनों का यातायात या मुसाफिर प्रभावित नहीं हुए हैं। अलीगढ़ से डीटीएम राजेंद्र सिंह, डीएसटीई विजय, एईएन, ट्रैफिक इंस्पेक्टर सहित अन्य अधिकारी हरदुआगंज पहुंचे थे।