शहर के विकास को पंख लगाने के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान 2021 को भले ही अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) समय से पूरा करने की स्थिति में न हो, लेकिन शासन स्तर पर अलीगढ़ के लिए 2031 का प्रस्तावित मास्टर प्लान बनकर तैयार हो गया है। इस प्रस्ताव में हरदुआगंज की पांच हेक्टेयर कृषि भूमि को रिहाइशी भूमि के तौर पर परिवर्तित किया जाएगा। यह प्रस्ताव तालानगरी इंडस्ट्रियल एरिया को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
अधिकारियों का प्लान है कि हरदुआगंज की भूमि का भू उपयोग परिवर्तन करके यहां आवासीय एरिया विकसित किया जाए, जिससे कारोबारी और व्यापारी वर्ग इंडस्ट्रियल एरिया के पास ही बसावट कर सकें। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक जनपद स्तर से नई महायोजना (मास्टर प्लान) 2031 की फाइल तैयार करके शासन की चीफ स्टैंडिंग कमेटी को भेजी गई है।
वहां से प्रस्तावित होने के बाद वह एक बार फिर से जनपद के पास वापस आएगी उस पर दावे और आपत्तियां मांगे जाएंगे। इस प्रक्रिया में तकरीब डेढ़ से दो साल का समय लगेगा। अधिकारियों के मुताबिक महायोजना 2031 के प्लान के तहत जनपद की शहरी सीमा से सटे सभी इलाकों को इसमें शामिल किया गया है। तकरीबन 100 हेक्टेयर भूमि का आवासीय दायरा बढ़ाने का प्लान है।
तालानगरी-हरदुआगंज के विकास को लग जाएंगे पंख
हरदुआगंज की पांच हेक्टेयर कृषि भूमि को एडीए अगर रिहाइशी एरिया के तौर पर परिवर्तित कर देता है तो माना जा रहा है कि इससे तालानगरी के साथ ही हरदुआगंज के विकास को भी पंख लग जाएंगे। एक ओर ताला नगरी के कारोबारी और व्यापारी वर्ग के साथ ही दूर-दराज से आकर यहां की इंडस्ट्री में काम करने वाले लोग वहां जाकर बसावट कर सकेंगे। वहीं, किसानों को उनकी जमीन के भाव भी अच्छे मिलेंगे। सबसे अधिक फायदा उन किसानों को होगा, जिनकी जमीन बंजर हो चुकी है या बंजर होने की कगार पर है।
हरदुआगंज की पांच हेक्टेयर कृषि भूमि को रिहाइशी एरिया के तौर पर परिवर्तित का प्लान महायोजना में है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर मुहर लगने में डेढ़ से दो साल का समय लगेगा। वर्तमान में फाइल शासन की चीफ स्टैंडिंग कमेटी के पास है।
-डीएस भदौरिया, एडीए सचिव