थाना गांधीपार्क क्षेत्र के अचलताल परिसर स्थित हनुमान मंदिर को नगर निगम की टीम ने ध्वस्त कर दिया गया। हनुमान की मूर्ति को दूसरे स्थान पर सुरक्षित रख दिया गया है। श्रीतांबेश्वर महादेव मंदिर को खाली करने के लिए एक दिन का समय दिया गया है।
अचलताल परिसर के अंदर वर्षों पूर्व कुछ मंदिर बना दिए गए थे। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत 28 करोड़ रुपये की लागत से अचलताल का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। अचलताल परिसर के अंदर स्थित मंदिर या अन्य निर्माण को नगर निगम अवैध निर्माण की श्रेणी में रखता है। बृहस्पतिवार को सहायक नगर आयुक्त ठाकुर प्रसाद के नेतृत्व में नगर निगम की टीम अचलताल पहुंची और हनुमान मंदिर को ध्वस्त करा दिया। मंदिर तोड़ते समय भगवान की मूर्तियों का ख्याल रखा गया। सावधानी से दीवारों को तोड़ा गया ताकि मूर्तियों को नुकसान न हो। जयकारे के साथ भगवान हनुमान की प्रतिमा कोे सूर्यमुखी घाट (आरती घाट) स्थित महामाया मंदिर में रखवा दिया गया है।
मौके पर मौजूद योगी कौशलनाथ महाराज, हनुमान मंदिर के पुजारी मुकेश एवं श्रीतांबेश्वर महादेव मंदिर के प्रबंधक बाल किशन नगर निगम के अधिकारियों से विस्थापित देवताओं की मूर्तियों को स्थापित करने के लिए जगह की मांग कर रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि अचलताल परिसर के अंदर सूर्यमुखी घाट स्थित मंदिरों को तोड़ा जाएगा। श्रीतांबेश्वर महादेव मंदिर के प्रबंधक को मंदिर खाली करने के लिए एक दिन का समय दिया गया है।
तीस साल से हनुमान मंदिर में पूजा कर रहा हूं। करीब 12 साल पहले मंदिर का पुनर्निमाण कराया था। अभी हनुमान जी की मूर्ति को महामाया मंदिर में रखवा दिया गया है।
- मुकेश, पुजारी, हनुमान मंदिर
वर्षों से मंदिर में पूजा होती आ रही है। नगर निगम को मूर्तियों को स्थापित करने के लिए जगह उपलब्ध करानी चाहिए ताकि पूजा-पाठ एवं भगवान को भोग लगता रहे।
- योगी कौशलनाथ महाराज
बिना पूर्व नोटिस या सूचना के मंदिर तोड़ा जा रहा है। साथ ही देवताओं को स्थापित करने के लिए जगह उपलब्ध करानी चाहिए। मूर्ति स्थापित करने के लिए नगर निगम के पास कोई ठोस योजना नहीं है और न ही लिखित में कुछ दे रहे हैं।
- बालकिशन, प्रबंधक, श्रीतांबेश्वर महादेव मंदिर
अभी मंदिर की मूर्तियां विस्थापित हो रही हैं। उन्हें पूरे सम्मान एवं विधि विधान के साथ स्थापित कराया जाएगा। नगर निगम की दुकानें बननी हैं। वहीं पर मंदिर बनाया जाएगा और उसमें देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्थापित किया जाएगा।
- ठाकुर प्रसाद, सहायक नगर आयुक्त