एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष हमजा सूफियान व पूर्व सचिव हुजैफा आमिर शनिवार देर शाम से जेल से रिहा कर दिए गए। रिहा होने के बाद दोनों छात्र शमशाद मार्केट होते हुए कैंपस पहुंचे। इशा की नमाज इन दोनों ने जामा मस्जिद में पढ़ी। दोनों को सेशन कोर्ट से शुक्रवार को जमानत मिल गई थी। उन्हें 30-30 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी गई।
ये लगे थे आरोप
एक अगस्त 2019 को एएमयू के उपाध्यक्ष हमजा सूफियान व पूर्व सचिव हुजैफा आमिर ने छात्रों की मांग को लेकर रजिस्ट्रार कार्यालय में ताला लटका दिया था। आरोप है कि वीसी लॉज में हंगामा उनकी गाड़ी रोकी थी। कई कर्मचारियों के साथ अभद्रता की थी। इस मामले में एएमयू प्रशासन की ओर से दोनों के खिलाफ तीन-तीन मुकदमे दर्ज कराए गए थे। उसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था।
मजबूर नहीं मजबूत बनकर निकला हूं : हमजा
एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष हमजा सूफियान ने कहा कि छात्रसंघ ने हर दौर में संघर्ष किया है। छात्रों की मांगों को एएमयू इंतजामिया व जिला प्रशासन के समक्ष छात्रसंघ ने मजबूती से रखा है। कहा, अगर एएमयू इंतजामिया व जिला प्रशासन यह सोच रहा है कि हमें जेल में भेजकर तोड़ दिया था, तो वह अपने दिमाग से यह गलतफहमी निकाल ले। वह मजबूर होकर नहीं, बल्कि मजबूत होकर निकले हैं।
भविष्य को बनाया गया निशाना : हुजैफा
एएमयू छात्रसंघ के पूर्व सचिव हुजैफा आमिर ने कहा कि वह छात्रों के लिए आंदोलन कर रहे थे, जिन्हें अपराधी बनाकर छोड़ दिया गया। देश के भविष्य को निशाना बनाया गया। जो लोग यह सोच रहे थे कि हमें जेल भेजकर, मुकदमे लगाकर दबा लेंगे। ऐसा बिल्कुल नहीं होगा, क्योंकि उन्हें देश के संविधान, न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। छात्रों की लड़ाई जारी रहेगी, जब तक हमारी बातें पूरी नहीं होती है।