जवाहर नगर निवासी होमगार्ड निहाल सिंह के परिवार को मुख्यमंत्री से बच्चों के लिए रोजगार और खुद की स्थायी नौकरी मांगनी थी, लेकिन अंतिम समय पर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निरस्त हो गया। ऐसे में होमगार्ड समेत अन्य परिवार उनकी राह ही तकते रह गए।
बता दें कि रघुनाथ पैलेस में प्रबुद्धजनों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री का जनसंपर्क दौरा आयोजन स्थल के पास जवाहर नगर में रखा गया। यहां सुबह से ही पुलिस चयनित 11 लोगों के घरों पर पहुंच गई। नगर निगम ने सुबह से सफाई अभियान चलाया। गली को सैनिटाइज करके गंदगी-कूड़ा हटाया। यहां 11 परिवारों के लोगों से मुख्यमंत्री अपनी सरकार के कार्यों पर चर्चा करते और वोट मांगते।
सुबह से शुरू हुई तैयारियां दोपहर तक चलती रहीं, लेकिन संबोधन के दौरान उनका कार्यक्रम किन्हीं कारणों से स्थगित कर दिया गया। इस कारण यहां होमगार्ड निहाल सिंह का परिवार काफी मायूस हुआ। होमगार्ड निहाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बच्चों के लिए रोजगार और खुद की स्थायी नौकरी की गुहार लगानी थी, लेकिन वह नहीं आए। ऐसे में सिर्फ मायूसी हाथ लगी है।
निहाल सिंह ने बताया कि उनका बड़ा बेटा गौरव कुमार (27 वर्ष), छोटा बेटा दिलीप कुमार (25 वर्ष) व बेटी कोमल बीएड पास हैं। तीनों बच्चों को बड़ी मुश्किल के होमगार्ड की नौकरी कर पढ़ा लिखा दिया, लेकिन आज तक नौकरी नहीं लगी है। निहाल सिंह 802 रुपये प्रतिदिन के मानदेय पर होमगार्ड की नौकरी करते हैं। आठ घंटे ड्यूटी देने के बाद अलग से सिलाई का काम भी करते हैं।
तब जाकर परिवार का पेट पाल पाते हैं। निहाल की पत्नी लज्जा देवी ने कहा कि एक कमाने वाला है। बाकी चार लोग घर बैठकर खाने वाले हैं। अगर बच्चों की नौकरी लग जाए तो इनका विवाह करा दें, लेकिन वह सुख अभी बहुत दूर है। पहली बार मुख्यमंत्री से मिलेंगे। इसीलिए फूले नहीं समा रहे थे। उनके स्वागत के लिए मिठाई और फूलमाला भी तैयार कर रखी थीं, लेकिन उनके न आने की खबर मिली तो परिवार में मायूसी छा गई है। निहाल ने कहा कि उनकी नौकरी मानदेय पर है। स्थायी हो जाए तो कुछ भविष्य दिखे। यहां अन्य दस परिवार के लोग भी मुख्यमंत्री से न मिलने के चलते मायूस हो गए।
इन परिवारों से करनी थी मुलाकात
-जवाहर नगर में पेट्रोल पंप मालिक व रिटायर्ड बिजली कर्मचारी जीडी उपाध्याय, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवी चरण शर्मा, व्यापारी रोहतास सिंह, रोडवेज कर्मचारी रामकुमार शर्मा, रिटायर्ड कर्मचारी चंद्रपाल सिंह, नियमपाल सिंह, होमगार्ड निहाल सिंह, ज्वैलर्स शिवदत्त शर्मा, एडवोकेट जवाहर लाल शर्मा, उदय सिंह जैन इंटर कॉलेज के मैनेजर एके जैन, रिटायर्ड बीडीओ लाल सिंह सूर्यवंशी आदि से मुख्यमंत्री को मुलाकात करनी थी।
यह बोले लोग
-मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिली तो ऐसा लग रहा था कि मानो हमारे भगवान पहली बार दर्शन देने आ रहे हैं। उनके न आने से कुछ मायूस हुए हैं, लेकिन उत्साहित भी हैं कि उनका कार्यक्रम हमारी गली में तय तो हुआ। भले ही बाद में रद्द हो गया हो।
- सुरेंद्र पचौरी, पार्षद वार्ड 18
- मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना लगी तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। उनको करीब से देखने के लिए सभी लोग बेताब थे। एकदम से कार्यक्रम रद्द होने की सूचना मिली तो मायूसी भी छा गई। क्योंकि अपने चहेते और प्रदेश में राम मंदिर का निर्माण कराने वाले मुख्यमंत्री को करीब से नहीं देख पाए।
-देवी चरण शर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य
- मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सुबह से ही बेताब था। प्रोटोकॉल के तहत सुबह 11 बजे से ही सभी लोग तैयार भी थे। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए कई सारी तैयारी कर रखी थीं। फूलमाला के साथ फूलों की वर्षा करनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द होने से तैयारियां धरी की धरी रह गईं।
-अंकित शर्मा, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष खैर देहात
- मुख्यमंत्री से मुलाकात न होने से दिल में टीस रह गई है। मैं दैनिक वेतनभोगी हूं। होमगार्ड की नौकरी करता हूं और अलग से दर्जी का काम करता हूं। तब जाकर परिवार पाल पाता हूं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में होमगार्ड का मानदेय बढ़ाया है। अगर मुख्यमंत्री से मिलते तो पढ़े लिखे बेरोजगार बच्चों के लिए नौकरी मांगता। यह सपना अधूरा ही रह गया।
- निहाल सिंह, होमगार्ड