साइबर थाने के पहले मुकदमे में गिरफ्तार किए गए अंतरराज्यीय साइबर रैकेट से जुड़े फर्जी पेटीएम बैंक एकाउंट बनाकर बेचने वाले हैकर की जमानत खारिज कर दी गई है। यह जमानत अर्जी एसीजेएम-7 न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश नरेश दिवाकर द्वारा खारिज की गई है। अब बचाव पक्ष की ओर से सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दायर किए जाने की तैयारी की जा रही है।
रेंज स्तरीय साइबर थाने में पहला मुकदमा मामू भांजा मंदिर वाली गली निवासी डॉ. पल्लवी अग्रवाल पुत्री संजय अग्रवाल ने दर्ज कराया था, जिसमें खुद के साथ एक लाख 34 हजार 960 रुपये की ऑनलाइन ठगी का आरोप लगाया था। इसकी जांच में ऑनलाइन ठगी का बेस तैयार करने वाले हैकर के रूप में 22 वर्षीय अफरोज अब्बासी पुत्र शहाबुद्दीन निवासी वार्ड नंबर 12 कृष्णा नगर नगर पंचायत निचलौल महाराजगंज का नाम सामने आया। जिसे साइबर थाना टीम ने गोरखपुर से गिरफ्तार कर 7 जनवरी को न्यायालय में पेशी के बाद जेल भेजा। इस मामले में अफरोज के पिता शहाबुद्दीन ने यहां आकर पैरोकारी शुरू करते हुए एसीजेएम-7 के न्यायालय में अधिवक्ता के माध्यम से जमानत अर्जी दायर की। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए एपीओ हरिओम सिंह ने जमानत अर्जी का विरोध किया, जिसे न्यायालय ने बुधवार को खारिज कर दिया है।
हैकर को आज 8 घंटे रिमांड पर लेगी साइबर पुलिस
इस हैकिंग गैंग में कुल 40 लोग अब तक प्रकाश में आए हैं। करीब आधा दर्जन बैंक एकाउंट भी प्रकाश में आए हैं। इन तमाम पहलुओं पर पूछताछ व जानकारी जुटाने के लिए साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ने न्यायालय से हैकर अफरोज का पुलिस कस्टडी रिमांड मांगा था। जिसे सिविल जज वरिष्ठ प्रभाग ने खारिज कर दिया। इसके खिलाफ एडीजे-2 महेशानंद झा के न्यायालय में रिवीजन दायर किया गया। इस रिवीजन याचिका को न्यायालय ने स्वीकार लिया। इसके बाद एसीजेएम-7 के न्यायालय ने अफरोह का बृहस्पतिवार को आठ घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर दिया है। एपीओ हरिओम सिंह के अनुसार 21 जनवरी को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ के लिए विवेचक उसे रिमांड पर लेंगे। इस दौरान उसकी रिमांड प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।