जेएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 33 फीसदी ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जो पेट की बीमारी से ग्रसित होते हैं। इनमें ज्यादातर एच. पाइलोरी बैक्टीरिया से पीड़ित होते हैं। बीते कुछ वर्षों में इनकी संख्या में वृद्धि हुई है।
पेट में लंबे समय तक रहता है बैक्टीरिया
एच.पाइलोरी एक ऐसा बैक्टीरिया है, जो पेट में आसानी से लंबे समय तक रह सकता है। अंदर ही अंदर विकास कर सकता है। यदि काफी दिनों तक पेट के अंदर बना रहा तो पेट के कैंसर का कारण बनता है। यह ज्यादातर अशुद्ध खाना, खासकर बाहर का खाना खाने से होता है।
इन्हें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत
यदि आपके परिवार में पेट का कैंसर अनुवांशिक है तो आपको ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। उल्टी-दस्त से ग्रसित लोगों के संपर्क में आने से भी यह बीमारी हो सकती है।
एच. पाइलोरी बैक्टीरिया एसिड को बढ़ाकर अल्सर के गठन में योगदान देता है। पेट की सामान्य सुरक्षा को कमजोर बनाता है और हानिकारक पदार्थ बनाता है। यह बैक्टीरिया आम तौर पर लार, उल्टी, मल, दूषित भोजन या गंदे पानी से फैलता है। अभी इस पर विस्तृत अध्ययन जारी है।
लक्षण
- मतली और उल्टी
- अपच
- डकार
- भूख में कमी
- सीने में जलन
- पेट में दर्द
बचाव
- संतुलित खान-पान रखें
- बाहर का खाना न खाएं
- मिर्च-मसाला कम खाएं
- शराब का सेवन न करें
- बिना हाथ धोएं खाना न खाएं न बनाएं।