जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में कोरोना के बढ़ते प्रसार को देखते हुए आगंतुकों व कर्मचारी-अधिकारियों के गुटका खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर, कोई गुटका खाते हुए पकड़ा जाता है तो उसका 500 रुपये का जुर्माना किया जाएगा। इसके साथ ही कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य कर दी है। बुधवार को प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से यह आदेश जारी किया गया। इस संबंध में डीएम ने सभी विभागों के अध्यक्षों को आदेशित किया है कि गाइड लाइन का सख्ती के साथ पालन किया जाए। अगर, लापरवाही पाई जाती है तो विभागाध्यक्ष इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से भेजे गए पत्र में उन्होंने निर्देश दिया है कि प्रदेश सरकार के अधीनस्थ सभी विभागों से संबंधित संस्थाओं के प्रत्येक कार्यालयों में जहां काफी संख्या में कर्मचारियों और जनता का आना-जाना होता है, वहां कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की जाएं। कोविड हेल्प डेस्क पर कर्मचारी की तैनाती की जाए। कर्मचारी नियमित रूप से मास्क-ग्लव्स का इस्तेमाल करेगा। न्यूनतम 2 गज की दूरी रखते हुए आगंतुकों की थर्मल स्कैनिंग करेगा। डेस्क पर सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर की उपलब्धता अनिवार्य होगी। अगर ऐसा कोई व्यक्ति आता है जिसमें लक्षण दिखाई देते हैं तो उसकी ऑक्सीजन सैचुरेशन की जांच होगी। अगर व्यक्ति की रीडिंग 94 प्रतिशत से कम आती है तो तत्काल उसके विषय में स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया जाएगा। सभी कर्मचारियों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड एवं इसका सक्रिय उपयोग करना होगा। अगर, कोई कर्मचारी खांसी, बुखार, जुकाम, सांस लेने में परेशानी, गले में खराश से ग्रस्त है तो उसे कार्यालय नहीं आना। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार से ही इस नियम का पालन होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही सहन नहीं होगी।