राहुल गांधी की यहां हुई जनसभा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद चौ. विजेंद्र सिंह के राजनीतिक भविष्य के इर्दगिर्द घूमती रही। इगलास सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गुरविंदर सिंह को जिताने के लिए उनके नाम की दुहाई दी जाती रही। भावुक हुए विजेंद्र ने तो यहां तक कह डाला कि अगर कांग्रेस प्रत्याशी गुरविंदर सिंह नहीं जीते तो उनकी पत्नी जहर खा लेगी। वे अपने संबोधन में इगलास क्षेत्र से अपने रिश्ते को लगातार याद दिलाते रहे।
विजेंद्र सिंह ने कहा कि इगलास सीट से चुनाव लड़ने के लिए कुछ लोगों ने कहा कि सीट रिजर्व हो गई है तो दूसरी शादी दलित महिला से कर लो। यह सीट जीत जाओगे। मैंने मना कर दिया। मैं मोदी नहीं हूं जो अपनी धर्मपत्नी को छोड़ दूं। ऐसी राजनीति नहीं करनी है। मेरी पत्नी के पैर में फ्रैक्चर हो गया है। वह इस चुनाव में प्रचार में नहीं आई हैं लेकिन उसने अपने सभी बड़े-बुजुर्गों, माताओं-बहनों से कहा है कि कांग्रेस का उम्मीदवार गुरविंदर नहीं जीता तो वह जहर खाकर प्राण त्याग देगी। अब आपके हाथ में ही मेरी इज्जत है। आपने मुझे चार बार विधायक और एक बार सांसद बनाया। एक-एक गांव और एक-एक घर से मेरा नाता है। मेरा कोई बेटा नहीं है लेकिन यहां का हर बेटा मेरा बेटा है। मैं अगर गुरविंदर को जिता ले गया तो आप सब जीतेंगे। राहुल जी ने कहा है कि अगर सरकार बनी तो विजेंद्र सिंह को मंत्री बनाया जाएगा। गुरविंदर विधायक बने तो मेरा मंत्री बनना तय है। मैं मंत्री बना तो आप मंत्री बनेंगे।
क्षेत्र में कम दिखाई देने पर विजेंद्र ने सफाई दी कि मैं अपने दामाद उदय करन दलाल को शिकारपुर सीट से चुनाव लड़ा रहा हूं, इसलिए इगलास में समय नहीं दे पा रहा हूं। आप बताइए क्या दामाद को अकेला छोड़ दूं। वह मेरा ही नहीं, आपका भी दामाद है। मोदी के पीएम बनने के बाद चौ. अजित सिंह के बंगले से चौ. चरण सिंह का सामान भाजपाइयों ने ही बाहर फिंकवाया। ऐसे भाजपाई क्या चौधरियों का सम्मान कर सकते हैं। सारिका बघेल और राजेश दिवाकर सांसद बनने के बाद कभी आपके बीच नहीं आए। ऐसे लोगों को वोट देने से क्या फायदा है..?
इससे पहले मंच पर माइक संभालते ही कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरवर शर्मा ने कहा कि अबकी बार अगर विजेंद्र सिंह का प्रत्याशी नहीं जीता तो इनका कुर्ता पायजामा खूंटी पर टंग जाएगा। ये किसी लायक नहीं रहेंगे। इसलिए आप सब लोग गुरविंदर सिंह को वोट दे दीजिए।
सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि चौ. विजेंद्र सिंह आप सब के बीच के नेता हैं। गुरविंदर को जिता दीजिए तो इगलास में रुके हुए विकास कार्य पूरे होंगे। अब इनकी प्रतिष्ठा आपकी प्रतिष्ठा है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व गृहमंत्री संपत सिंह, अशोक उपाध्याय, रामकुमार नागर सहित अन्य नेताओं ने भी विजेंद्र सिंह के स्थानीय रिश्तों की याद दिलाई।