इन्होंने कभी चौकी पर तैनाती नहीं मांगी। थाने पर ड्यूटी के भी इच्छुक नहीं रहे। विधायक, सांसद या फिर दूसरे माननीयों की सुरक्षा में लगे इन कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल को माननीयों का साथ ऐसा भाया कि कोई किसी माननीय के साथ 24 साल से है तो कोई 23 साल से। अगर इनका कभी गैर जनपद को तबादला हुआ भी तो इधर ट्रांसफर आदेश जारी हुआ और उधर रुक गया। ये सब जनप्रतिनिधियों के बड़े खास भी होते हैं।
पुलिस सुरक्षा नियमावली में इस तरह की गनर समय-समय पर बदला ही जाए। बाकी अगर कोई माननीय खुद किसी की शिकायत करे या बदलने की सिफारिश करे तो बदला जरूर जा सकता है।-संजीव सुमन, एसएसपी