अलीगढ़ में छर्रा क्षेत्र के गांव सिरसा निवासी नायब सूबेदार धावक गुलवीर सिंह से देश को एक और पदक की आस है। उनकी देर रात्रि, 1 अगस्त को होने वाली 5000 मीटर की दौड़ के लिए परिजनों और ग्रामीणों ने प्रार्थनाएं शुरू कर दी हैं। गुलवीर सिंह ने इस महत्वपूर्ण दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के लिए खूब पसीना बहाया है।
गुलवीर सिंह ने हाल ही में हुई 10000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। अब वह 5000 मीटर की रेस के लिए अपनी तैयारियों को तेज कर रहे हैं। उनका लक्ष्य इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक पर निशाना साधना है। धावक गुलवीर सिंह के दोस्त आकाश चौधरी ने बताया कि 31 जुलाई 2026 को उनकी गुलवीर सिंह से बात हुई थी। दौड़ से पहले गुलवीर सिंह थोड़ा घबराए हुए दिख रहे थे। आकाश ने उन्हें अपने गुरु पर विश्वास रखने और हिम्मत दिखाते हुए पदक पर नजर रखने की सलाह दी थी। परिजनों को पूरा विश्वास है कि गुलवीर सिंह 10000 मीटर के बाद अब 5000 मीटर में भी भारत के लिए पदक लेकर आएंगे।
एशियन गेम्स में गुलवीर का प्रदर्शन
एशियन गेम्स में धावक गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर की दौड़ में कांस्य पदक जीता था। वहीं, 5000 मीटर की स्पर्धा में वह चौथे स्थान पर रहे थे। इस बार वह 5000 मीटर में भारत की ओर से एकमात्र धावक के रूप में उतरे हैं। 10000 मीटर में पदक जीतने के बाद, भारत को उनसे 5000 मीटर में भी एक और पदक लाने की उम्मीद है। यह उनके लिए एक बड़ी चुनौती और अवसर है।
5000 मीटर दौड़ में वैश्विक दबदबा
5000 मीटर दौड़ में अब तक केन्या के धावकों का दबदबा रहा है। केन्या ने इस स्पर्धा में रिकॉर्ड 6 बार स्वर्ण पदक पर कब्जा किया है। इंग्लैंड और युगांडा के धावकों ने भी दो-दो बार स्वर्ण पदक हासिल किया है। इसके अतिरिक्त, स्कॉटलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने भी एक-एक बार स्वर्ण पदक जीता है। यह आंकड़े इस स्पर्धा की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाते हैं।
भारत की उम्मीदें गुलवीर पर केंद्रित
भारत की ओर से अभी तक 5000 मीटर दौड़ में कोई भी पदक नहीं आया है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत को अपनी पहली सफलता का इंतजार है। इसी कारण गुलवीर सिंह पर पूरे देश की निगाहें और उम्मीदें टिकी हुई हैं। वह इस स्पर्धा में भारत के लिए इतिहास रचने और पहला पदक जीतने का प्रयास करेंगे। उनका प्रदर्शन देश के लिए गौरव का क्षण हो सकता है।