कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना कर्फ्यू लागू है। पहली मई से अधिकांश कारोबार बंद है। ऐसे में व्यापारी जीएसटी रिटर्न जमा करने, कर जमा करने में कुछ राहत की मांग कर रहे थे। ऐसे संकटकाल में व्यापारियों को राहत देते हुए वाणिज्य कर विभाग ने कई सहूलियतें दी हैं, जिससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी, वह बढ़े हुए समय में आसानी से कर चुका कर उसमें छूट का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन विनय अस्थाना ने बताया कि पांच करोड़ रुपये से ऊपर के टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए अप्रैल 2021 का जीएसटी 3 बी फार्म जमा करने आखिरी तारीख 20 मई से 4 जून कर दी गई है। जीएसटी 3 बी फार्म के साथ जो कर जमा होना है। उसको जमा करने में देरी होने पर प्रथम पंद्रह दिन के लिए ब्याज दर 18 फीसदी से घटाकर 9 फीसदी जबकि 15 दिन के पश्चात पूर्ववत 18 फीसदी रहेगी। पांच करोड़ रुपये से नीचे के टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए मार्च 2021 के महीने के जीएसटी-3 बी फार्म जमा करने की तारीख 22-24 अप्रैल से बढ़ा कर 22-24 मई कर दी गई है।
पांच करोड़ रुपये से नीचे के टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए अप्रैल 2021 के महीने के जीएसटी-3 बी फार्म जमा करने की तारीख 22-24 मई से बढ़ा कर 21-23 जून कर दी गई है। कर जमा करने में देरी होने पर प्रथम 15 दिन का ब्याज शून्य, उसके बाद अगले 15 दिन के लिए 9 प्रतिशत और बाद में यथावत 18 फीसदी रहेगा। इसी तरह से जनवरी से मार्च 2021 का तिमाही जीएसटी रिटर्न जमा करने वालों की तारीख 22-24 अप्रैल से बढ़ा कर 22-24 मई कर दी गई है। कर जमा करने में देरी होने पर प्रथम 15 दिन का ब्याज शून्य, उसके बाद अगले 15 दिन में 9 फीसदी और फिर यथावत 18 फीसदी रहेगा। इसी तरह से अप्रैल महीने के जीएसटीआर-1 को फाइल करने की आखिरी तारीख 11 मई से बढ़ा 26 मई कर दी गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के जीएसटीआर-4 की तारीख 30 अप्रैल से बढ़ा कर 31 मई कर दी गई है। आईटीसी-4 जनवरी से मार्च 2021 की तारीख 25 अप्रैल से बढ़ा कर 31 मई कर दी गई है।
केंद्र और राज्य सरकार ने जीएसटी काउंसिल के माध्यम से कर और रिटर्न जमा करने में बड़ी राहत दी है। व्यापारी भाइयों को इसका लाभ उठाना चाहिए। कोरोना संक्रमण काल में व्यापारी बंधु की मांग पर सरकार ने राहत दी है। अब सभी को समय से रिटर्न और कर जमा कर राजस्व अदायगी में सहयोग करना चाहिए।
विनय अस्थाना, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन।
कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। व्यापारी जीएसटी रिटर्न जमा करने और कर अदायगी में राहत की मांग कर रहे थे। सरकार ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए राहत दी है। इससे व्यापारी समुदाय को कुछ राहत मिलेगी।
विजय कुमार, पूर्व अध्यक्ष अलीगढ़ सीए एसोसिएशन।