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GST: अलीगढ़ जोन में 55 हजार फर्मों की जीएसटी ने की सघन जांच शुरू, लेनदेन और रिटर्न रडार पर

Sun, 02 Nov 2025 10:55 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

विभाग को आशंका है कि इनमें सैकड़ों की संख्या में बोगस फर्म हो सकती हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी के लिए किया गया होगा। जीएसटी चोरी के इस बड़े रैकेट के खुलासे के बाद विभाग ने सख्ती दिखाते हुए सभी पंजीकृत फर्मों पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर जीएसटी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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लखनऊ में बोगस (फर्जी) फर्मों के माध्यम से 341 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आने के बाद राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के अलीगढ़ जोन (अलीगढ़ मंडल और आगरा मंडल का एक जिला) में भी बोगस फर्म खंगाली जा रही हैं। इस जोन में पंजीकृत 55 हजार फर्मों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। सभी फर्मों के लेनदेन और जीएसटी रिटर्न की गहन समीक्षा की जा रही है।

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विभाग को आशंका है कि इनमें सैकड़ों की संख्या में बोगस फर्म हो सकती हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी के लिए किया गया होगा। जीएसटी चोरी के इस बड़े रैकेट के खुलासे के बाद विभाग ने सख्ती दिखाते हुए सभी पंजीकृत फर्मों पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है।

55 हजार फर्मों की स्क्रूटनी शुरू कर दी गई है। जीएसटी चोरी करने में मददगार ट्रांसपोर्ट कंपनियों, संस्थाओं, दबाव समूह आदि की भी विभाग जांच कर रहा है। इनके खिलाफ साक्ष्य सामने आने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। - अनिल कुमार राम त्रिपाठी, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2, जीएसटी अलीगढ़ जोन


मल्टी स्टेप और डेटा-आधारित प्रक्रिया से हो रही बोगस फर्मों की जांच
मल्टी स्टेप और डेटा-आधारित प्रक्रिया से इन फर्मों की जांच की जा रही है। डेटा एनालिटिक्स के द्वारा डेटा का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। इसमें संदिग्ध जीएसटीएन को ट्रेस किया जा रहा है। अगर एक ही पैन पर कई जीएसटी पंजीकरण हैं तो वह जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा अधूरे या गलत पते पर पंजीकरण, पंजीकरण के बाद अचानक बहुत बड़ी मात्रा में इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करना, ऐसी वस्तुओं या सेवाओं में डीलिंग करना जो टैक्स चोरी के लिए संवेदनशील मानी जाती हैं, पंजीकरण के बाद कारोबार के पते में बार-बार बदलाव करना जैसी गतिविधि सामने आने पर फर्म रडार पर आ जाती है।

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इन बिंदुओं पर भी हो रही है जांच

  • बिना किसी वास्तविक माल की आवाजाही के केवल फर्जी बिल जारी करने वाली फर्में
  • रिटर्न के बीच बड़े अंतर की जांच करना और बेमेल लेनदेन की पहचान
  • फर्म के पंजीकृत व्यापार स्थान का भौतिक सत्यापन
  • मौके पर पर्याप्त स्टॉक या मशीनरी जो घोषित कारोबार को सही ठहराए

फर्जी पतों पर पकड़ी गई फर्में
  • 26 जून 2025 को स्वर्ण जयंती नगर स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट में एवन सर्विसेस नामक कंपनी पर छापा मारकर 27.10 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी है। इस कंपनी ने बिना किसी वास्तविक खरीद के ही 27.10 करोड़ रुपये के माल की बिक्री दर्शाई थी। मुकदमा दर्ज हुआ। धरातल पर कुछ नहीं था।
  • 3 अगस्त 2025 को 11 बोगस फर्मों को नोटिस जारी किया। यह लंबे समय से फर्जी पते पर टैक्स चोरी कर रही थीं। दो बोगस फर्मों को पकड़ा, जिन्होंने फर्जी पते का इस्तेमाल कर 50 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी की। मुकदमा दर्ज हुआ।
  • 29 अप्रैल 2022 को फर्जी फर्म बनाकर आईटीसी हड़पने के मामले में थाना क्वार्सी में मुकदमा दर्ज हुआ। संचालक को गिरफ्तार किया। सात फर्म बनाकर ऑनलाइन माल बेचना दिखाकर आईटीसी को क्लेम किया था।
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