फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ः ऑपरेशन मुस्कान में उत्कृष्ट सेवा के लिए जीआरपी के राहुल को मिला सिल्वर मेडल

विज्ञापन
राहुल उपाध्याय। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
जीआरपी आगरा अनुभाग की ओर से चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान की टीम में शामिल अलीगढ़ जीआरपी थाने के सिपाही राहुल उपाध्याय को डीजीपी के कमेंडेशन डिस्क रजत पदक से सम्मानित किया गया है।
विज्ञापन

आगरा में तैनात सचिन कौशिक को इसी टीम में सराहनीय कार्य के लिए गोल्ड मेडल मिलेगा। सचिन कौशिक मूल रूप से इगलास तहसील के गांव गोरई के निवासी हैं। एसपी जीआरपी मो. मुश्ताक के अनुसार इस टीम ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 278 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने का काम किया है। सिपाही राहुल ने अलीगढ़ के आठ बच्चों को उनके घर तक पहुंचाया था। यह टीम विभिन्न राज्यों के बालगृहों में जाती थी और बच्चों से पूछताछ करती थी।
नाबालिगों में हुआ प्यार, परिजनों ने डांटा तो घर से निकले
अलीगढ़। बिहार के गया जिले के शेखपुर के रहने वाले दो नाबालिगों को अलीगढ़ स्टेशन पर आरपीएफ की टीम ने सोमवार रात पकड़ लिया। दोनों एक दूसरे को प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं। परिवार वाले शादी की अनुमति नहीं दे रहे थे इस पर वे घर से निकल आए। दिल्ली जाकर शादी करना चाहते थे। नाबालिग होने पर दोनों को आरपीएफ ने चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है।
विज्ञापन

आरपीएफ पोस्ट कमांडर चमन सिंह तोमर ने बताया कि सोमवार रात एएसआई ओंकार सिंह व कांस्टेबल प्रिया गश्त पर थे। प्लेटफार्म नंबर एक पर एक किशोर व एक किशोरी बैठे हुए थे। संदिग्ध लगने पर उनसे पूछताछ की गई। दोनों ने बताया कि वे एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं। शादी के लिए घर वाले अनुमति नहीं दे रहे थे। इसके चलते उन्होंने घर छोड़ दिया और दिल्ली जाकर अपनी दुनिया अलग बसाना चाहते थे। दोनों को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया है। दोनों मजदूर परिवार से नाता रखते हैैं। चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि दोनों बच्चों के परिजनों से संपर्क कर अलीगढ़ बुलाया गया है। उनके आने पर दोनों को सुपुर्द किया जाएगा।
ट्रेन में महिला को हुई प्रसव पीड़ा, बेटे को दिया जन्म
दिल्ली से पश्चिम बंगाल जा रही नेताजी एक्सप्रेस में सवार एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर गाड़ी को अलीगढ़ स्टेशन पर रोक कर सुरक्षित प्रसव संपन्न कराया गया। महिला ने बेटे को जन्म दिया है।
पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के उल्फत तिले दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करते है। मंगलवार सुबह वे गर्भवती पत्नी नजिमा के साथ नेताजी एक्सप्रेस ट्रेन से पैतृक गांव जा रहे थे। जैसे ही ट्रेन गाजियाबाद पहुंची नजिमा को प्रसव पीड़ा होने लगी। पति ने इस बारे में रेलवे स्टाफ को जानकारी दी। इस पर अलीगढ़ स्टेशन पर ट्रेन को सुबह करीब नौ बजे रोका गया। यहां रेलवे अस्पताल के डॉ.एएस देव ने अपने स्टाफ के साथ मौजूद रहकर ट्रेन में ही सुरक्षित प्रसव करा दिया। महिला ने बेटे को जन्म दिया। डॉक्टर के अनुसार जच्चा व बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। इसके बाद महिला को दूध व नाश्ता उपलब्ध कराकर ट्रेन को गंतव्य को रवाना कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें