उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राममंदिर आंदोलन के नायक कल्याण सिंह को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। इसकी खबर आने के बाद अलीगढ़ और अतरौली में खुशी की लहर दौड़ गई है। कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह राजू भैया सरकार के प्रति आभार तो पौत्र संदीप सिंह ने इसे गर्व का क्षण करार दिया है।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। कल्याण सिंह सहित चार हस्तियों को पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। देश का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण सम्मान की सूचना मिलने से अतरौली सहित जनपद में खुशी की लहर दौड़ गई है। इससे पहले यह पुरस्कार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हस्तियों को मिला है, जो दूसरे प्रदेश या जनपद से संबंधित थे।
दिल्ली से सुबह फोन में आया था। सबसे पहले वहां से अवगत कराया गया था। अब उसकी घोषणा हो गई है। सरकार ने बाबूजी को जो सम्मान दिया है, उसके लिए आभार व्यक्त करता हूं।
- राजवीर सिंह राजू भैया, पुत्र कल्याण सिंह एवं सांसद
यह अतरौली एवं अलीगढ़ ही नहीं प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान सभी अलीगढ़वासियों को मिल रहा है। हमलोग बाबूजी के पदचिन्हों पर चलकर उनके सपने को साकार करेंगे।
- संदीप सिंह, पौत्र कल्याण सिंह एवं राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार
कल्याण सिंह को पद्मविभूषण सम्मान मिलना जनपद के लिए गर्व का विषय है। वह यहीं की मिट्टी में पले-बढ़े और राजनीति के शीर्ष पर पहुंचे। विचारधारा अलग-अलग हो सकती है।
- डॉ. राहत अबरार, पूर्व पीआरओ एएमयू
कल्याण सिंह प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे। उनका जीवन राष्ट्र को समर्पित था। राम मंदिर आंदोलन के जन नायक बने। भाजपा को शिखर पर ले जाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। हमलोग उन पर गर्व महसूस करते हैं।
- चौधरी ऋषिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा
कल्याण सिंह भारत की राजनीति व सामाजिक उत्थान के सर्वोच्च पक्षधर थे। उन्होंने अलीगढ़ को मूल रूप से स्वर्णिम दर्जा दिलाया है। यहां की मिट्टी में जन्मे वह पहले व्यक्ति हैं, जिन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित किया जा रहा है।
- डॉ. निशित शर्मा, युवा भाजपा नेता
कल्याण सिंह को पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने की घोषणा से मेरा रोम रोम रोमांचित है। यह सम्मान एक राम भक्त का सम्मान है। एक ऐसे राष्ट्रवादी नेता का सम्मान है, जिन्होंने राम भक्ति के लिए सत्ता को ठुकरा दिया था। मुझे गर्व है कि अतरौली मेरी कर्मभूमि है।
- डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता
एएमयू के कई छात्र-शिक्षकों को मिल चुका है यह सम्मान
एएमयू के पूर्व पीआरओ डॉ. राहत अबरार कहते हैं कि एएमयू के छात्र, शिक्षक एवं वीसी रह चुके आठ लोगों को पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। उसमें पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन (1954), हाफिज मोहम्मद इब्राहिम (1967), जीएम सादिक (1972), बी एच जैदी (1976), अली यासर जंग (1977), ओवैद सिद्दीकी (2006), राजा राव (2007), एआर किदवई (2010)
कल्याण सिंह का जीवन परिचय
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को अतरौली तहसील के गांव मढ़ौली में साधारण किसान परिवार में हुआ था। उच्च शिक्षा हासिल कर अतरौली में इंटर कॉलेज में अध्यापक बन गए। 1967 में पहली बार अतरौली से विधायक निर्वाचित हुए। राममंदिर आंदोलन में इनको नायक के रूप में याद किया जाता है। 1991 में प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 1997 से 1999 तक दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। पूरा जीवन संघर्षों से भरा है। वह राजस्थान के राज्यपाल भी रहे। 21 अगस्त 2021 को उनकी मृत्यु हुई।
कल्याण सिंह को पद्म विभूषण मिलने की घोषणा पर मिठाई खिलाते चेयरमैन पवन वर्मा - फोटो : CITY OFFICE