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जीआरपी नहीं कर सकती पिटाई मगर प्लेटफार्म टिकट जरूरी है भाई

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भारतीय रेलवे एक्ट 1989 के तहत प्लेटफार्म पर आवाजाही के लिए प्लेटफार्म टिकट लेना जरूरी है। इसके बिना प्लेटफार्म पर प्रवेश अनधिकृत माना जाएगा। रेलवे अफसरों के अनुसार यदि चेकिंग के दौरान कोई भी व्यक्ति बिना प्लेटफार्म या रेल टिकट के पाया जाता है तो उसे बिना टिकट माना जाएगा। इसके लिए उससे बतौर जुर्माना 250 रुपये अथवा प्लेटफार्म पर उस वक्त खड़ी ट्रेन के चलने वाले स्थान से लेकर स्टेशन आने तक का किराया मानते हुए वसूल किया जाएगा। फिलहाल प्लेटफार्म टिकट की जांच करने का अधिकार रेलवे के टिकट चेकर को है। जीआरपी को नहीं।
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जीआरपी पिटाई भी नहीं कर सकती। प्लेटफार्म टिकट सिर्फ दो घंटे के लिए मान्य होता है। अगर प्लेटफार्म टिकट लेने के दो घंटे बाद भी कोई शख्स प्लेटफार्म पर ठहरता है तो पकड़े जाने पर 250 सौ रुपये जुर्माना देना होगा। कोरोना काल में प्लेटफार्म टिकट के दाम 50 रुपये हो गए थे। अब इसका दाम 10 रुपया है। इसे कैंसिल अथवा रिफंड नहीं कराया जा सकता न ही किसी को हस्तांतरित कराया जा सकता है। कोई छात्र अथवा समाज का वर्ग विशेष प्लेटफार्म टिकट से छूट का दावा नहीं कर सकता। अलबत्ता, रेलवे कर्मचारियों, रेलवे ठेकेदारों और सुरक्षाकर्मियों को प्लेटफार्म टिकट से छूट दी गई है।
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