ग्रेटर अलीगढ़ किसी मेट्रो सिटी जैसा ही बनेगा। यहां कालोनियां विकसित की जाएंगी। अस्पताल होंगे और मॉल बनेंगे। इतना ही नहीं लोगों का अपने घर का सपना पूरे करने के लिए 2594 आवास भी बनाए जाएंगे। इसके लिए अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने तैयारी शुरू कर दी है। ग्रेटर अलीगढ़ के मानचित्र को मंजूरी मिलने के बाद व्यवस्थित शहर में रहने का लोगों ने मन बना लिया है। 335 हेक्टेयर भूमि पर ग्रेटर अलीगढ़ बसेगा।
ग्रेटर अलीगढ़ के लिए अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) 152 हेक्टेयर भूमि का बैनामा करा चुका है। 101 हेक्टेयर भूमि पर पहले फेज में 2594 आवासीय और 305 व्यावसायिक भूखंड बनेंगे। ईडब्लूएस में 487, एलआईजी में 504, टाइप ए में 24, टाइप बी में 277, सी में 317, डी में 523, ई में 147 और एफ में 368 आवासीय भूखंड हैं। व्यावसायिक में 183, मिश्रित में 96, ग्रुप हाउसिंग में 9, शिक्षा व अस्पताल में 4-4, डाकघर-सामुदायिक सुविधा में 2-2, पेट्रोल पंप व सीएनजी, ई-सुविधा, टेलीफोन एक्सचेंज, शॉपिंग माल, पुलिस चौकी के 1-1 व्यावसायिक भूखंड हैं।
एएमयू के अजय बिसारिया, प्रो. आशिक अली ने बताया कि ग्रेटर अलीगढ़ में आवासीय प्लाट लेने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि इसे एक व्यवस्थित तरीके से बनाया जाएगा, जिसमें सहूलियतें होंगी। छह सितंबर को एडीए की बैठक में 11 में से आठ प्रस्तावों पर सहमति की मुहर लगी थी। इनमें ग्रेटर अलीगढ़ के पहले फेज के मानचित्र की भी मंजूरी मिल गई थी। इस बारे में एडीए उपाध्यक्ष अपूर्वा दुबे ने बताया कि ग्रेटर अलीगढ़ योजना शहरवासियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।