कब्रिस्तान में दफन रिश्तेदारों की कब्रों पर फातिहा पढ़ने आने वाले लोगों को दुश्वारी होती थी, क्योंकि उनकी कब्रें झाड़ियों में दिखाई नहीं देती थी। कब्रिस्तान प्रबंधन कमेटी ने झाड़ियों की सफाई कराई, जिसमें करीब एक हजार कब्रें धंसीं थीं।
अलीगढ़ के शाहजमाल कब्रिस्तान में एक हजार कब्रें धंस गई हैं। यह धंसीं कब्रें झाड़ियों की सफाई के बाद सामने आई हैं। पिछली बार हुई बारिश में खैर रोड से कब्रिस्तान में पानी भर गया था।
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जुलाई से सितंबर तक हुई बारिश और खैर रोड की तरफ से आए पानी की वजह से कब्रिस्तान की दीवार ढह गई थी। कब्रिस्तान में पानी घुस गया था। इससे कब्रिस्तान में झाड़ियां उग आई थीं। कब्रिस्तान में दफन रिश्तेदारों की कब्रों पर फातिहा पढ़ने आने वाले लोगों को दुश्वारी होती थी, क्योंकि उनकी कब्रें झाड़ियों में दिखाई नहीं देती थी।
कब्रिस्तान प्रबंधन कमेटी ने झाड़ियों की सफाई कराई, जिसमें करीब एक हजार कब्रें धंसीं थीं। कब्रिस्तान में जो कब्रें धंसी हैं, वह एक से चार साल के बीच के समय की हैं। 12 बीघा क्षेत्र में कब्रें हैं, जिनके पटरे तक गल चुके हैं और मिट्टी पूरी तीन-चार फुट बैठ गई है।
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इलाके के आसिफ खान, सलमान, फिरोज, उमर ने बताया कि जलभराव के चलते कब्रें बैठीं हैं। कब्रिस्तान प्रबंधन समिति को कब्रें दुरुस्त करानी चाहिए। कब्रिस्तान के मुतवल्ली मुईन उद्दीन उर्फ मोनू ने बताया कि कब्रें धंसने के संबंध में आज अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। कब्रें दुरुस्त कराने के लिए उनसे अनुरोध करेंगे।