सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसूता प्रीती अपने नवजात बेटे के साथ।
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गभाना कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार की रात लाई गई एक प्रसूता साढ़े चौदह घंटे तक दर्द से तड़पती रही, लेकिन उसे प्रसव संबंधी सुविधाएं नहीं मिलीं। इसी रात केंद्र पर एक अन्य प्रसूता हालत को देखते हुए साथ में आई आशा कार्यकर्ता ने मोमबत्ती की रोशनी में प्रसव कराया। जब यह मामला क्षेत्रीय विधायक दलवीर सिंह तक पहुंचा तो उन्होंने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पूरे मामले की जानकारी दी। इस पर शनिवार को सीएमओ ने केंद्र का दौरा किया। लापरवाही उजागर होने पर वहां रात को ड्यूटी से गैरहाजिर रही एएनएम को निलंबित कर दिया और वहां तैनात डॉक्टर सहित पूरे स्टाफ की भूमिका पर जांच बैठा दी।
गभाना के गांव ओगर निवासी रूप किशोर की पत्नी प्रीती को शुक्रवार की रात 10 बजे प्रसव पीड़ा होने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया, लेकिन यहां पर कोई स्टाफ नहीं था और केंद्र पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ था। हालत यह थी कि प्रीती दर्द से तड़प रही थी और उसके परिजन डॉक्टर या स्टाफ की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान गभाना के रहने वाले अजय की पत्नी अमृता को भी प्रसव पीड़ा होने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया। उसे सत्यवती नाम की आशा कार्यकर्ता केंद्र पर लाई थी। इस दौरान अमृता की स्थिति और जटिल होने लगी। इस पर आशा कार्यकर्ता सत्यवती ने किसी तरह मोमबत्ती का इंतजाम किया और उसी की रोशनी में अमृता का प्रसव कराया।
परिजनों को उम्मीद थी कि सुबह होते ही प्रसूता को राहत मिलेगी, लेकिन शनिवार को भी प्रीती को प्रसव होने में दोपहर के ढाई बजा दिए गए। पूरे समय प्रीती दर्द से तड़पती रही। आखिरकार प्रीती के परिजनों ने यह बात स्थानीय भाजपा नेता विपिन कपासिया को बताई। वह परिजनों को विधायक ठा. दलवीर सिंह के पास ले गए। पूरा घटनाक्रम सुनकर विधायक अवाक रह गए। उन्होंने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पूरी जानकारी दी। इसके बाद पूरा विभाग हरकत में आ गया। मौके पर पहुंचे सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने शुक्रवार की रात ड्यूटी से गैरहाजिर रही एएनएम को निलंबित कर दिया है। साथ ही सीएचसी पर तैनात डॉक्टर सहित पूरे स्टाफ की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
केंद्र पर एडी हेल्थ ने भी टीम भेजी
इस मामले की जानकारी शासन में होने के बाद वहां से सवाल जवाब किया गया तो जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। एडी हेल्थ ने भी अपने कार्यालय से एक टीम गभाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेजी।
इस घटना के बाद मैंने फैसला लिया है कि रात में सीएचसी पर औचक निरीक्षण किया जाएगा। व्यवस्था है कि जिन सीएचसी पर दो डॉक्टर हैं, वहां पर एक डॉक्टर रात में रहेगा। जहां पर एक डॉक्टर है वहां पर रात में एएनएम रुकेंगी। अतरौली, खैर, इगलास में दो डॉक्टर हैं। मैं गभाना सीएचसी को एडवांस सीएचसी के रूप में विकसित करूंगा। यह हाईवे के किनारे है। अधिक उपयोगी साबित होगी।
- डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ