दिल्ली के डॉ. फज्लुल्लाह चिश्ती ने कहा कि सरकार तीन तलाक और एक समान नागरिक संहिता पर सिर्फ राजनीति कर रही है। उन्होंने इस बात को रद्द किया कि इस्लाम में औरत को तलाक देने का हक नहीं। वो तलाक-ए-तफवीज़ का उपयोग कर सकती हैं।
डॉ. चिश्ती शनिवार को एएमयू के मौलाना आजाद लाइब्रेरी के कल्चरल हॉल में मुस्लिम सोशल एंड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित ‘शरीयत का कानून : आज के दौर में’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), तीन तलाक और बहुविवाह के मुद्दे पर कुरआन और हदीस की रोशनी में भाषण दिया। डॉ. चिश्ती ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारा संवैधानिक अधिकार है, जिसका हम उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि एक बार में तीन तलाक का हो जाना नबी के दौर में नहीं था। इस पर उन्होंने हदीस पेश की जिससे यह साफ हो गया कि नबी के दौर में भी एक बार में तीन तलाके हुई।
उन्होंने इस बात को रद्द किया कि इस्लाम में औरत को तलाक देने का हक नहीं। वो तलाक-ए-तफवीज़ का उपयोग कर सकती हैं। वह चाहे तो शादी से पहले अपने होने वाले पति से तलाक का हक मांगने की शर्त पर उससे शादी करे। वह (औरत) चाहे तो तीनों तलाक का हक खुद ले लेे और अगर चाहे तो दो तलाक का हक पति को और तीसरे का खुद अपने पास रखे। इस तरह उसे कभी एक बार में तीन तलाक नहीं दी जा सकती जब तक कि वह खुद तीसरे का उपयोग न करे।
डॉ. चिश्ती ने कहा कि तलाक-ए-तफवीज के उपयोग के बारे में मुसलमानों को जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे किसी आलिम ने कभी एक साथ तीन तलाक नहीं दी, ऐसा (एक बार में तीन तलाक देना) इस्लाम की शिक्षाओं को ना जानने वाले करते हैं। उन्होंने 2011 की जनगणना को पेश किया और कहा कि हिंदू तलाकशुदा औरतों की संख्या 19 लाख और मुसलमानों की तलाक शुदा औरतों की संख्या 2 लाख 80 हजार हैै। आखिर में लोगों ने डॉ. चिश्ती से बहुत सारे सवाल किये और उन्होंने उनके बखूबी जवाब दिए। इस अवसर पर डॉ. जियाउद्दीन, डॉ. मुहीबुल हक, डॉ. जुनैद खलील, आमिर खान आदि मौजूद थे। संचालन नसर नासिर ने किया।
सफलता के लिए प्रतिभा के साथ उच्च कोटि का चरित्र जरूरी
अलीगढ़। एएमयू के सह कुलपति सैयद अहमद अली ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए प्रतिभा के साथ उच्च कोटि के चरित्र का होना भी आवश्यक है। सैयद अली टीपीओ (जनरल) द्वारा चयनित यूनिवर्सिटी पॉलीटेक्निक ब्वायज के सुपर 30 बैच के छात्रों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छात्रों में हरेक अवसर के लिए अच्छी ड्रेसिंग भावना का भी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सुपर 30 बैच के गठन से छात्रों को उनके व्यवसायिक मूल्यों को विकसित करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर टीपीओ साद हमीद, मोहसिन अली खान, वसीम खान, शहबाज आलम आदि मौजूद थे।