भारतीय किसान यूनियन हरपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि किसानों के पुरजोर विरोध के बावजूद सरकार पूंजीपतियों के दबाव में तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है। दरअसल पूंजीपतियों ने तीनों कानूनों के पास होने से पहले ही फसलों के भंडारण के लिए बड़ी संख्या में वेयर हाउस व शीतगृह भवन बना लिए हैं। वहां तक रेल लाइन भी बिछा दी गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल इगलास ब्लॉक मुख्यालय पर आयोजित किसानों की पंचायत को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर 100 दिन से अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन को जाति विशेष का आंदोलन बताने वाली सरकार किसानी समाप्त कर किसानों की कमान उद्योपतियों के हाथ में देने का कुचक्र रच रही है। तीनों कानूनों को काला बताने पर उसके कुछ सांसद, विधायक सवाल उठा रहे हैं। इन कानूनों को पारित करने में न लोकसभा, न राज्यसभा और न ही किसान नेताओं की सहमति ली गई। पेट्रोल, डीजल व गैस पर 70 फीसदी कर लादकर जनता का गला घोंटा जा रहा है। सरकारी उपक्रमों को निजी हाथों में दिया जा रहा है। अध्यक्षता करते हुए डॉ. नृपतिदेव भारद्वाज ने कहा कि तीनों काले कृषि कानूनों के विरोध में 16 मार्च को किसान इगलास ब्लॉक पर हुंकार भरेंगे। संचालन देवेंद्र सिंह ने किया।