डीजल पर लगाई 200 लीटर की लिमिट
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पेट्रोल पंपों को दिए गए सख्त निर्देश
नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी ग्राहक या वाहन को प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक हाई-स्पीड डीजल न बेचें। इसके अलावा खरीदे गए डीजल की दोबारा बिक्री (रीसेल) पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।
आम लोगों पर नहीं होगा खास असर
ईंधन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि सामान्य वाहन मालिकों के लिए यह बदलाव लगभग नगण्य रहेगा। अधिकांश कारों का फ्यूल टैंक 40 से 70 लीटर के बीच होता है, जबकि एसयूवी और बड़े वाहनों में भी यह क्षमता 100 लीटर के आसपास रहती है। ऐसे में 200 लीटर की सीमा मुख्य रूप से बड़े उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी।
क्या होता है हाई-स्पीड डीजल?
बाजार में वाहनों, ट्रकों, बसों और जनरेटर में इस्तेमाल होने वाला सामान्य डीजल ही तकनीकी भाषा में हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) कहलाता है। इसका उपयोग परिवहन, कृषि, निर्माण कार्य, औद्योगिक मशीनों और बिजली उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
90 दिनों तक लागू रहेगी व्यवस्था
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू की गई है। हालांकि जरूरत पड़ने पर सरकार इसे पहले वापस ले सकती है या इसकी अवधि बढ़ाने का फैसला भी कर सकती है।
नए नियम एक नजर में
- एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं मिलेगा
- कमर्शियल ग्राहकों को रिटेल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा
- डीजल की रीसेल पर रोक
- नियम 90 दिनों तक लागू
- आम कार और बाइक चालकों पर असर नहीं