महानगर के महेंद्र नगर इलाके से शनिवार रात से लापता होमगार्ड सुनील यादव के बेटे रवि (22) की दोस्तों ने ही चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। रविवार सुबह क्वार्सी के गडराना क्षेत्र में उसका शव पड़ा मिला। पुलिस ने अज्ञात युवक का शव समझकर उसे मोरचरी में रखवा दिया लेकिन दोपहर बाद परिजनों ने उसकी शिनाख्त कर ली। पुलिस ने एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया, बाकी दो आरोपियों की तलाश कर रही है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया है कि चोरी के माल के बंटवारे को लेकर उसने दो साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया।
गांधीपार्क के महेंद्र नगर रामरतन कॉलोनी के होमगार्ड सुनील यादव के दो बेटों में बड़ा 22 वर्षीय रवि यादव ताला फैक्ट्री में काम करता था। पड़ोसी रमा देवी के मकान में किराए पर रहने वाले तीन युवक सर्वजीत उर्फ संटू, बबलू निवासी बरौठा, अमित निवासी अतरौली भी इसी फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। इनकी रवि से गहरी दोस्ती थी। परिजनों ने बताया कि शनिवार की शाम काम से लौटते समय तीनों तफरीह के बहाने रवि को घर से बुलाकर ले गए। लेकिन रवि तब से वापस नहीं आया।
इस बारे में रमा देवी से पूछताछ की गई तो उसने बबलू व अमित के घर लौटने की बात बताई। जब रवि के परिजनों ने दबाव बनाया तो उसने उन्हें गोलमोल जवाब देकर टरका दिया। पुलिस ने बबलू को घर के एक कमरे में बंद कर दिया। जबकि अमित को लेकर गांधीपार्क थाने ले गए। पुलिस पूछताछ में उसने इतना कह दिया कि उसे रवि की जानकारी है और वह उसे बुलवा लेगा। इस पर परिजन उसे थाने से फिर घर ले आए। मगर तड़के चार बजे अमित भी शौच के बहाने से भाग गया।
इधर, सुबह क्वार्सी पुलिस को गडराना इलाके में जंगल में युवक की लाश मिली। उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी। पुलिस उस लाश को मोरचरी ले आई। दोपहर में परिजनों ने गांधीपार्क व क्वार्सी पुलिस की सूचना के आधार पर उसकी पहचान रवि के रूप में कर ली। इसके बाद बबलू को क्वार्सी पुलिस के हवाले कर दिया।
इस दौरान पुलिस पूछताछ में बबलू ने स्वीकार किया कि उसने संटू व अमित की मदद से चाकुओं से गोदकर रवि की हत्या की। सीओ तृतीय राजीव सिंह के अनुसार हत्या के संबंध में रवि के पिता ने तीनोंके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें कोई वजह नहीं खोली। मगर पूछताछ में आपस में किसी चोरी के माल के बंटवारे का विवाद बबलू ने स्वीकारा है। असलियत संटू व अमित की गिरफ्तारी पर सामने आएगी।
राज उगलते तो रात को ही मारे जाते हत्या के आरोपी
अलीगढ़ (ब्यूरो)। महेंद्र नगर के युवक रवि की दोस्तों द्वारा रात को ही चाकुओं से गोदकर नृशंस हत्या के बाद दो आरोपी लौटकर घर आ गए। मगर एक बीच रास्ते से ही निकल गया। रात भर दोनों रवि के परिजनों के चंगुल में रहे और इस कदर दहशत में रहे कि अगर भेद खुल गया तो मार दिए जाएंगे। मगर वह रात भर परिजनों को उल्टा-पुल्टा घुमाते रहे और सुबह मौका मिलते ही एक आरोपी खिसक गया। होमगार्ड सुनील के तीन बच्चों में सबसे बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है।
दो बेटों में बड़े रवि के अलावा छोटा शुभम मोबाइल कंपनी में काम करता है। पुलिस जांच व पकड़े गए आरोपी के अनुसार रवि पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। इस बात के सबूत पुलिस तलाश रही है। परिजनों ने पुलिस को मौखिक तौर पर हत्या की वजह को लेकर बताया है कि आठ दिन पहले किसी देनदारी के विवाद में इन चारों में झगड़ा हुआ था। उस समय किसी तरह मसला निपट गया था। उस समय रवि से पूछा गया था, मगर उसने वजह नहीं बताई थी। वजह पर परिजन भी चुप्पी साध रहे हैं। कभी तमंचे का विवाद तो कभी रुपयों का विवाद बता रहे हैं।