एएमयू के जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सभागार में हज प्रशिक्षण शिविर में बताया गया कि हज यात्रा पर जाने से पहले रिश्तेदारों या किसी से अनबन है तो उनसे माफी मांग लें। यह बात खुद्दाम-ए-हज समिति के राष्ट्रीय सचिव व जिला हज ट्रेनर अब्दुल समद ने प्रशिक्षण के दौरान कही। शिविर में 282 हज यात्रियों ने शिरकत की।
उन्होंने कहा कि हज पर जाने से पहले अगर किसी से उधार लिया है तो उसे चुका दें। अगर किसी की चीजें आपके पास अमानत के तौर पर हैं, तो उसे वापस करके हज पर जाएं। हज यात्रियों को रोजाना कम से कम एक से दो किलोमीटर पैदल चलने की आदत बनाएं, क्योंकि सऊदी अरब में मदीना, मक्का, मिना से अराफात, मुजदलफा और अपने कमरे से मस्जिद-ए-हराम, मस्जिद नबी आदि जगहों पर कहीं भी पैदल चल सकता है। इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्राचार्य प्रो. एम सूफियान, प्रो. मोहिब उल्लाह, प्रो. सुहैल अयूब, डॉ. जुल्फिकार, अब्दुल शाकिर, अजीमा कौसर, मुईन उद्दीन खान, अमीर खान, तालिब सुबहानी आदि ने हज यात्रियों को प्रशिक्षित किया। मौलाना आलम मुस्तफा याकूबी ने दुआ कराई।