बच्ची के अपहरण की सूचना पर जीआरपी इंस्पेक्टर संदीप तोमर, आरपीएफ पोस्ट कमांडर अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित चार टीमों ने अलीगढ़ से बदायूं तक अलग-अलग 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। एसपी रेलवे ने बताया कि बच्ची को सकुशल बरामद करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
अपहरण करने वाली महिला से घुलमिल गई थी टीना, गोद में लेते ही हो गई चुप
अपहरण के बाद महेश व रुक्मिणी ने टीना को चंद घंटे ही अपने पास रखा लेकिन बच्ची उनसे इस कदर घुल-मिल गई कि जब उसे स्टेशन पर आरोपियों की गोद से लिया गया तो वह रोने लगी। महिला पुलिस कर्मी के काफी प्रयासों के बाद भी उसे चुप नहीं कराया जा सका। जब रुक्मिणी ने उसे अपनी गोद में लिया तो वह तुरंत ही चुप हो गई और उसके गले से चिपक गई। इसके बाद बच्ची की मां उर्मिला, पिता करन प्रकाश व भाई सुमित के पास मुश्किल से गई।
महेश यादव ने बताया कि स्टेशन पर बच्ची को मैंने रोते हुए देखा। बच्ची के पास में कोई नहीं था। पिता सोए हुए थे। जब बच्ची को गोद में लेकर दुलारा तो वह चुप हो गई। इसको देखकर उसके मन में लालच आ गया। पत्नी से बातचीत की तो वह भी तैयार हो गई। उसके बाद दोनों बच्ची को लेकर घर आ गए। घर पर महेश ने परिजनों को बताया कि बच्ची उन्हें लावारिस मिली थी तो उन्होंने टीना का स्वागत किया। हालांकि पुलिस दंपती के इस बयान को सही नहीं मान रही है। यह भी जांच कर रही है कि कहीं वह बच्चा चोर गिरोह से तो जुड़े हुए नहीं हैं। इनका आपराधिक रिकाॅर्ड खंगाला जा रहा है।